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सिमडेगा : पारा शिक्षकों की हड़ताल से बंद स्कूलों में पढ़ाने गये थे प्रशिक्षु शिक्षक, अब खुद उनकी पढ़ाई हो गयी बंद

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  • सिमडेगा जिला के 10 प्रखंडों के अभियान विद्यालय 60 दिन से हैं बंद, 12 हजार छात्र हुए शिक्षा से दूर
  • जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण कॉलेज ने अपने 74 विद्यार्थियों को भेजा था बंद स्कूलों में पढ़ाने
  • पढ़ाने गये इन प्रशिक्षु शिक्षकों का विद्यालय प्रबंध समिति और ग्रामीणों ने किया विरोध, नहीं करने दिया योगदान
  • विरोध के बाद प्रशिक्षु शिक्षक जब अपने प्रशिक्षण कॉलेज लौटे, तो प्राचार्या ने कहा- पहले शिक्षा विभाग से लेकर आयें विरमन पत्र, तभी पढ़ने दिया जायेगा कॉलेज में

Pravin Kumar/Satyaprakash Prasad

Simdega/Ranchi : झारखंड में पारा शिक्षकों की हड़ताल का सबसे बुरा असर ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ रहा है, जहां 60 दिनों से बच्चों का पठन-पाठन बाधित है. ऐसे क्षेत्रों में सिमडेगा जिला के ग्रामीण क्षेत्र प्रमुख हैं. सिमडेगा जिला में 231 अभियान विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जहां पठन-पाठन का काम पिछले 60 दिनों से बंद है. जिला प्रशासन की कोशिश के बाद भी विद्यालयों में ताला लटका हुआ हैं. अभियान विद्यालय में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के 74 छात्रों की भी पढ़ाई 45 दिनों से बाधित है. जिला के अभियान विद्यालय में बच्चों को मध्याह्न भोजन देकर उपस्थिति बना ली जा रही है और जिला प्रशासन की ओर से दावा किया जा रहा है कि विद्यालय खुले हैं.

सिमडेगा : पारा शिक्षकों की हड़ताल से बंद स्कूलों में पढ़ाने गये थे प्रशिक्षु शिक्षक, अब खुद उनकी पढ़ाई हो गयी बंद

प्रशिक्षु शिक्षकों का विद्यालय प्रबंध समिति ने किया विरोध

पारा शिक्षकों की हड़ताल से निपटने के लिए सिमडेगा जिला प्रशासन की ओर से प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, सिमडेगा के प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों (प्रशिक्षु शिक्षकों) को बंद विद्यालयों में पठन-पाठन कार्य करने का आदेश दिया गया था. महाविद्यालय के प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष के 74 छात्रों को जिला के जलडेगा, बानो, ठेठईटांगर, बोलबा, केरसई, पाकरटांड़, कोलेबिरा, बांसजोर, कुरडेगा प्रखंड के अभियान विद्यालय में 28 नवंबर 2018 को भेजे जाने का पत्र निर्गत किया गया था. छात्रों को तीन दिसंबर 2018 से विद्यालय में शिक्षण कार्य को सुचारू रूप से चलाने को कहा गया. लेकिन, प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र जब योगदान के लिए विद्यालय में पहुंचे, तो विद्यालय प्रबंध समिति और ग्रामीणों ने उनका विरोध किया. इसके दो दिन बाद छात्र कॉलेज लौट आये, लेकिन अब इन 74 छात्रों का योगदान महाविद्यालय में भी नहीं लिया जा रहा है.

सिमडेगा : पारा शिक्षकों की हड़ताल से बंद स्कूलों में पढ़ाने गये थे प्रशिक्षु शिक्षक, अब खुद उनकी पढ़ाई हो गयी बंद

सिमडेगा : पारा शिक्षकों की हड़ताल से बंद स्कूलों में पढ़ाने गये थे प्रशिक्षु शिक्षक, अब खुद उनकी पढ़ाई हो गयी बंद

 

क्या कहते हैं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के छात्र

नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के छात्रों (प्रशिक्षु शिक्षकों) ने कहा कि उन्हें सुदूर क्षेत्र के विद्यालय में पढ़ाने के लिए भेजा गया था. जब वे योगदान करने विद्यालय पहुंचे, तो ग्रामीण एवं विद्यालय प्रबंध समिति की ओर से उन्हें रोका गया. इसकी लिखित सूचना प्राचार्या, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, सिमडेगा को दे दी गयी है. इसके बावजूद प्राचार्या का कहना है कि जब तक आपलोग विद्यालय से विरमित होने का पत्र शिक्षा विभाग से नहीं लाते हैं, तब तक कॉलेज में आप पढ़ाई नहीं कर सकते हैं. इन छात्रों का कहना है कि कॉलेज का सत्र काफी लेट है, जिसके कारण सेमेस्टर की परीक्षा भी नहीं ली जा रही है.

सिमडेगा : पारा शिक्षकों की हड़ताल से बंद स्कूलों में पढ़ाने गये थे प्रशिक्षु शिक्षक, अब खुद उनकी पढ़ाई हो गयी बंद

क्या कहती हैं प्राचार्या

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, सिमडेगा की प्राचार्या प्रबला खेस का कहना है कि सिमडेगा डीसी के कहे अनुसार जिला महाविद्यालय के छात्रों को पारा शिक्षकों की हड़ताल से बंद पड़े स्कूलों में शिक्षण कार्य में लगाये जाने का आदेश कॉलेज की ओर से जारी किया गया था. इसमें 74 छात्र अपनी समस्या को लेकर कॉलेज आये थे, लेकिन जब तक विभाग की ओर से विरमित होने का पत्र छात्र लेकर नहीं आते है, तब तक कॉलेज में उनका योगदान नहीं लिया जा सकता.

जिले में कितने स्कूल पड़े हैं बंद

सिमडेगा जिला में 322 विद्यालय सर्व शिक्षा अभियान के तहत खोले गये थे, जो पूरी तरह पारा शिक्षकों के भरोसे चल रहे थे. उन सभी विद्यालयों में पिछले 60 दिनों से पठन-पाठन कार्य पूरी तरह बंद है. जिला के इन अभियान विद्यालयों में कुल 15 हजार विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करते हैं. जिला में 100 से कम अभियान विद्यालय में ही मिड डे मील जारी रखा गया है और 221 विद्यालयों में शिक्षण कार्य के साथ-साथ मिड डे मील भी बंद है. हालांकि, विभाग दावा कर रहा है कि जिला में विद्यालय खुले हैं और छात्रों को मिड डे मील मिल रहा है.

क्या कहते हैं जिला शिक्षा अधीक्षक उपेंद्र नारायण

जिला शिक्षा अधीक्षक उपेंद्र नारायाण ने कहा कि जिला में टेट पास अभ्यर्थियों को विद्यालय में पठन-पाठन कार्य के लिए भेजा गया है. साथ ही, ग्रामीणों के सहयोग से विद्यालय खुले रखने की कोशिश की जा रही है. वहीं, प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय सिमडेगा के छात्रों को विद्यालय में योगदान करने से रोके जाने पर जिला शिक्षा अधीक्षक ने कुछ नहीं कहा.

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