न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

सिल्क एक्सपो लोगों के लिए सजकर तैयार, मिलेगी साड़ियों की वेराइटी

8,641
  • नौ जनवरी से लग रहा एग्जीबिशन
  • छह दिवसीय एग्जीबिशन में देश भर के सिल्क उत्पाद मिलेंगे
eidbanner

Ranchi : वीवर ऑफ सिल्क एक्सपो की ओर से बुधवार से राजधानी में सिल्क एग्जीबिशन लगाया जा रहा है. इसमें देश भर के सिल्क उत्पाद की खरीदारी लोग कर सकेंगे. 13 जनवरी तक आयोजित होनेवाले इस एग्जीबिशन में सिल्क की कई नयी वेराइटी और नयी रेंज होंगी. अब्दुल गनी ने जानकारी दी कि न सिर्फ सिल्क उत्पाद, बल्कि ठंड और लग्न सीजन को ध्यान में रखते हुए भी इस बार काफी कुछ नया है. इसमें विशेष पशमीना शॉल, पशमीना साड़ी, वुलेन कुर्ती, स्टोल आदि होंगे. वहीं, लगन को देखते हुए सिल्क की साड़ियां उपलब्ध हैं. यहां देश के प्रचलित भागलपुरी सिल्क, बनारसी सिल्क, तसर सिल्क, कोसा सिल्क आदि की साड़ियां मिलेंगी. एग्जीबिजन का आयोजन चैंबर ऑफ कॉमर्स भवन में किया जायेगा.सिल्क एक्सपो लोगों के लिए सजकर तैयार, मिलेगी साड़ियों की वेराइटी

सिल्क एक्सपो में बुनकरों की कारीगरी लोगों को लुभायेगी

अब्दुल गनी ने बताया कि एग्जीबिशन में विशेष आकर्षण बनारसी साड़ियों का होगा. सिल्क में बनारसी वर्क देखते ही बनती है. बुनकरों की बारीक बुनाई इन साड़ियों को आकर्षित बनाती है. यहां इन साड़ियों की विशाल रेंज अलग-अलग दामों पर उपलब्ध होगी.

सिल्क एक्सपो में तुनझई वर्क की साड़ियां भी उपलब्ध

सूरज सिद्दीकी ने बताया कि बुनाई की सबसे लोकप्रिय कला तुनझई है, जो अब विलुप्त होती जा रही है. इस वर्क की साड़ियां और सूट भी एग्जीबिशन में मिलेंगी. मूलतः बनारस का तुनझई वर्क देश भर में लोकप्रिय है. लेकिन, बदलते समय के साथ इसकी लोकप्रियता में कमी आयी है. उन्होंने कहा कि एग्जीबिशन के माध्यम से इसे फिर से लोगों के बीच लाने का प्रयास किया जायेगा. तुनझई वर्क की खासियत है कि यह सीधा और उल्टा, दोनों तरफ से समान दिखता है.

Related Posts

इस गर्मी में भी आधी रांची को समय पर नहीं मिल रहा पानी, लोगों की बढ़ी परेशानी

पेयजल और स्वच्छता विभाग के अधिकारी मस्त, जनता पस्त

अन्य हैंडलूम भी

सिल्क के साथ यहां सेमी सिल्क, सिफॉन, टेराकोटा ज्वेलरी, हैंडमेड ज्वेलरी समेत अन्य सामान मिलेंगे. इसमें प्रिंट, जरी, गोटा के साथ कलात्मक एंब्रॉयडरी वर्क देखा जा सकता है.

इसे भी पढ़ें- जेपीएससी की मार-झारखंड प्रशासनिक सेवा लाचार !

इसे भी पढ़ें- वर्ष 2018 में महिलाओं पर अत्याचार के कांडों में आयी कमी : अपराध अनुसंधान विभाग

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm

Comments are closed.

%d bloggers like this: