न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

साइलेंट एरा फिल्म फेस्टिवल का आयोजन, अनबोलती फिल्म देखने आये विद्यार्थी

42
  • फेस्टिवल में दिखायी गयीं 10 फिल्में

Ranchi : सिनेमा में समय के साथ-साथ कैसे बदलाव होता गया, कैसे अनबोलती फिल्मों में तकनीकी सुधारों के बाद सिनेमा जगत का नाम बॉलीवुड पड़ा, इन सबकी जानकारी विद्यार्थियों ने साइलेंट एरा फिल्म फेस्टिवल में हासिल की. इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट्स और रांची विश्वविद्यालय के संयुक्त त्वावधान में फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया गया. दो दिवसीय फेस्टिवल का गुरुवार को आखिरी दिन था. इन दो दिनों में 1913 से 1925 तक की अनबोलती फिल्में दिखायी गयीं, जिनमें भारतीय फिल्मों के साथ कुछ विदेशी फिल्में भी थीं. इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट्स के प्रोग्राम मैनेजर राकेश पांडे ने बताया कि दो दिवसीय आयोजन किया गया, ताकि लोग समझें कि कैसे भारतीय सिनेमा ने समय के साथ-साथ तकनीकी परिवर्तन कर दुनिया में अपनी पहचान बनायी. उन्होंने कहा कि फेस्टिवल के आयोजन का मकसद विद्यार्थियों और रिसर्च स्कॉलरों की सहायता करना है.

hosp3

भारतीय सिनेमा के इतिहास को समझने का मिला मौका

समापन सत्र के मुख्य अतिथि रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी भवेशानंद महाराज थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि बहुत कम ऐसे अवसर होते हैं, जब साइलेंट फिल्मों पर आयोजन हो. राजधानीवासियों को यह अवसर मिला है कि भारतीय सिनेमा के इतिहास को समझें. कैसे समय के साथ-साथ तकनीकी बदलाव होता गया और अब भारतीय सिनेमा की अलग ही पहचान दुनिया में है. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से तकनीकी परिवर्तन की भी जानकारी होती है.

ये फिल्में दिखायी गयीं

इस दौरान राजा हरिश्चंद्र, श्री कृष्ण जन्म, कालिया मर्दन, लाइट ऑफ एशिया, ए थ्रो ऑफ डाइस, जमाई बाबू, नतिर पुजारी, सिराज, द लाइफ एंड पैसन ऑफ जीसस क्राइस्ट, लंका दहन फिल्में दिखायी गयीं.

इन संस्थानों के विद्यार्थी हुए शामिल

फेस्टिवल में संत जेवियर्स कॉलेज, गोस्सनर कॉलेज, सेंट्रल यूनिवर्सिटी, एमिटी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी शामिल हुए. इस दौरान फिल्म निर्माता सुरेश शर्मा, हरेंद्र सिन्हा समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

इसे भी पढ़ें- बंधु को मिली बेल, वकील ने कहा- कोर्ट ने बंधु को बताया ईमानदार नेता

इसे भी पढ़ें- जेपीएससी मुख्य परीक्षा टलने के आसार कम, स्थगित कराने को लेकर प्रयासरत परीक्षार्थी

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: