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सिक्किम  : लाचुंग घाटी में बर्फबारी में फंसे 150 सैलानियों को सेना ने बचाया

पूर्वी कमान मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बुधवार को त्रिशक्ति कॉर्प्स के जवानों को सैलानियों के वाहनों के शून्य से भी कम तापमान में फंसे होने की जानकारी मिली

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Kolkata : सिक्किम की लाचुंग घाटी में बर्फबारी में फंसे लगभग 150 सैलानियों को बचा लिया गया है. सेना ने एक रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत भारी बर्फबारी के बीच फंसे इन सैलानियों को बाहर निकाल कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है. खबरों के अनुसार रास्ता जाम हो जाने की वजह से लाचुंग घाटी में सभी सैलानी फंसे हुए थे. पूर्वी कमान मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बुधवार को त्रिशक्ति कॉर्प्स के जवानों को सैलानियों के वाहनों के शून्य से भी कम तापमान में फंसे होने की जानकारी मिली. इस सूचना के बाद सेना ने तुरंत कार्रवाई शुरु कर दी और उन्हें मेडिकल सुविधाएं देते हुए नजदीकी आर्मी कैंप्स तक पहुंचाया.  लगभग चार घंटे तक सेना के जवान अपनी जान जोखिम में डालते हुए बर्फबारी में फंसे सैलानियों को बाहर निकालने में लगे रहे.  सैनिकों ने एक महिला टूरिस्ट्स के हाथ में फ्रैक्चर होने पर उसे दवाइयां उपलब्ध कराने के अलावा कई ऐसे सैलानियों को मेडिकल ट्रीटमेंट की सुविधा उपलब्ध कराई, जिन्हें चक्कर आने, थकान, सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण महसूस हो रहे थे.

सेना के जवानों को धन्यवाद कहने के लिए शब्द नहीं मिल रहे थे

रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाले गए टूरिस्ट्स को रहने के लिए शिविर और भोजन भी आर्मी ने उपलब्ध कराया. जानकारी के अनुसार सेना के जवानों की ऐसी तत्परता देखकर हर सैलानी भावुक था. उनके लिए सेना के जवानों को धन्यवाद कहने के लिए शब्द नहीं मिल रहे थे, लेकिन उनके चेहरे की मुस्कुराहट बिना शब्दों के ही सब कुछ कह देने के लिए पर्याप्त थी. आर्मी सूत्रों के अनुसार टूरिस्ट एरिया में रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात तक चलता रहेगा.  गुरुवार को बचाये गये सैलानियों को गंगटोक से लाया जायेगा, जिसके बाद वे अपने घरों को जा सकेंगे. बता दें कि कुछ ही दिनों पहले सेना ने सिक्किम में ही एक अन्य बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया था. उस ऑपरेशन में सेना के जवानों ने गंगटोक और नाथू-ला के रास्ते में फंसे लगभग तीन हजार सैलानियों को बाहर निकाला था.  इस दौरान सेना के जवानों ने टूरिस्ट्स को राहत देने के लिए अपने बैरक खाली कर दिये थे और उन्हें अपना भोजन भी दे दिया था.

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