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डीवीसी सप्लाई मजदूरों के वेतन पे-रिवीजन पर धनबाद में डिप्टी चीफ लेबर कमीशनर के समक्ष हुआ हस्ताक्षर

Bermo :  डीवीसी बोकारो थर्मल एवं चंद्रपुरा पावर प्लांट में कार्यरत सप्लाई मजदूरों के पे-रिवीजन पर मंगलवार को धनबाद स्थित केंद्रीय डिप्टी चीफ लेबर कमीशनर एके सामंता रे के समक्ष आयोजित बैठक में त्रिपक्षीय समझौता पर हस्ताक्षर के बाद इसे अंतिम रुप दे दिया गया.

समझौता सह हस्ताक्षर वार्ता में संयुक्त मोर्चा की ओर से डीवीसी ठेका मजदूर संघ के महामंत्री सह जिला पार्षद भरत यादव, यूसीडब्ल्यूयू अध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह, महामंत्री नवीन कुमार पाठक, डीवीसी ठेका मजदूर संघ के संजय मिश्रा, ललन शर्मा, मनोज सिंह, हिमकियू के मणि गोप, सरयू ठाकुर, राजेंद्र प्रसाद केडिया, झाक्रामयु के नागेश्वर महतो, बिराठेकायु के दशरथ नायक, इंटक के बेरमो प्रखंडध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह, दूधनाथ प्रसाद सहित डीवीसी के निदेशक एचआरडी एके वर्मा, सुबोध मिश्रा आदि शामिल हुए. वार्ता में समझौता वार्ता पर सभी ने हस्ताक्षर किये.

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डीवीसी के निदेशक एचआर ने जारी किया पत्र

डीवीसी कोलकाता के निदेशक एचआर एके वर्मा ने 26 मार्च की बैठक एवं हस्ताक्षर को लेकर पत्रांक-429 के तहत धनबाद स्थित केंद्रीय डिप्टी चीफ लेबर कमीशनर के नाम से एक पत्र निर्गत किया था.

5 मार्च को कोलकाता में हुआ था समझौता

मंगलवार 12 मार्च को डीवीसी मुख्यालय कोलकाता में डीवीसी प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच द्विपक्षीय समझौता पर हस्ताक्षर हुआ था. उक्त समझौता के तहत 1 नवंबर 2017 से विभिन्न भत्ता समेत अतिकुशल श्रेणी के सप्लाई मजदरों को 29 हजार रुपये, कुशल श्रेणी के लिए 28 हजार और अकुशल श्रेणी के लिए 24 हजार रुपये मासिक वेतन निर्धारित किया गया है.

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प्रतिवर्ष वेतन में स्वत इजाफा होते रहेगा

लेकिन वर्तमान मे 12 फीसदी केंद्रीय महंगाई भत्ता,वार्षिक बढोत्तरी और 1000 रुपये चिकित्सा भत्ता का समायोजन होने से अतिकुशल श्रमिकों को लगभग 29,000 रुपये, कुशल को 28,000 रुपये और अकुशल श्रेणी के सप्लाई मजदूरों को 24,000 रुपये से ज्यादा कुल मासिक वेतन मिलेगा. इसके अलावा रात्रि पाली भत्ता और उपार्जित अवकाश का नकदीकरण में अतिरिक्त लाभ मिलेगा और भविष्य में वार्षिक बढ़ोत्तरी का मूल वेतन में समायोजन और समय-समय पर केंद्रीय महंगाई भत्ता में बढ़ोत्तरी के कारण प्रतिवर्ष वेतन में स्वतः इजाफा होते रहेगा.

वर्ष 2011 के समझौता से पूर्व कुशल श्रेणी का लाभ पाने वाले सप्लाई मजदूरों को 1 नवंबर 2017 से अतिकुशल श्रेणी में और वर्ष 2015 के बाद अकुशल से कुशल श्रेणी में पदोन्नत श्रमिकों को 5 वर्ष के उपरांत वर्ष 2021 में अतिकुशल श्रेणी में पदोन्नत किया जायेगा. स्थायी कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षण को समान तिथि से किया जायेगा. डीवीसी के अस्पताल में चिकित्सा सुविधा पूर्ववत जारी रहेगा और गंभीर बीमारी का सुपर स्पेशलियटी अस्पताल में इलाज के लिए भविष्य मे नीति बनाने पर विचार किया जायेगा.

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मजदूरों को ससम्मान देना होगा विदाई

कार्य अवधि में कार्य स्थल अथवा कार्य के लिए अन्यत्र मृत सप्लाई मजदूरों के आश्रितों को उनके स्थान पर ससुविधा अकुशल श्रेणी में नियोजित किया जायेगा. सेवानिवृत्त होने वाले सप्लाई मजदूरों को माह के अंतिम कार्य दिवस को उपहार के साथ ससम्मान विदाई किया जायेगा. अगला वेतन पुनरीक्षण स्थायी कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षण की समान तिथि से किया जायेगा. पुनरिक्षित वेतन 1 नवंबर 2017 से देने पर सहमति बनी थी.

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मजदूरों को मिलेगा एरियर भुगतान के रूप में डेढ़ लाख

मूल वेतन, वार्षिक बढोत्तरी, रात्रि पाली भत्ता में लगभग 200 फीसदी और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अनुसार अन्य भत्ता में 50 फीसदी,कुल वेतन में औसतन लगभग 65 फीसदी और चिकित्सा भत्ता में 10 गुणा से वृद्धि हुई है.

एरियर भुगतान में मिलेगा डेढ़ लाख रुपया

पुनरिक्षित वेतन 1 नवंबर 2017 से देने पर बनी सहमति के कारण सभी श्रेणी के सप्लाई मजदूरों को प्रतिमाह अतिरिक्त लाभ के अलावा औसतन लगभग डेढ़ लाख रुपये एरियर मिलेगा. एरियर का भुगतान 1 जून 2019 से चार समान किस्तों मे प्रत्येक तिमाही पर किया जायेगा.

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डीवीसी पर अतिरिक्त बोझ

डीवीसी को 17 महीने का कुल एरियर मद में लगभग 15 करोड़ रुपये से ज्यादा और वेतन मद मे प्रतिमाह 1 करोड़ रुपये से ज्यादा अतिरिक्त भुगतान करना होगा. इसलिए डीवीसी की वर्तमान वित्तीय स्थिति में श्रमिक हित के लिए यह समझौता संयुक्त मोर्चा की बड़ी उपलब्धि है.

एतिहासिक उपलब्धि

उक्त समझौता को ठेका श्रमिकों के इतिहास में ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए डीवीसी ठेका मजदूर संघ के महामंत्री भरत यादव ने कहा कि यह समझौता सप्लाई मजदूरों के लिए वरदान और देश के ठेका श्रमिकों के लिए मील का पत्थर साबित होगा. ब्रजकिशोर सिंह, नवीन कुमार पाठक ने भी समझौता के लिए गिरिडीह के सांसद रविंद्र कुमार पांडेय के साथ-साथ भरत यादव, डीवीसी के चेयरमैन गुरदीप सिंह, सदस्य सचिव डॉ पीके मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (मासं) एके वर्मा, वरीय अपर निदेशक ओमप्रकाश, संजय  प्रियरंजन, उप  निदेशक अजीत कुमार, अमल सरकार आदि सभी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया.

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