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बीमारी या बीमार सिस्टम ने ली पारा टीचर की जान ! तीन महीने से नहीं मिला था वेतन

तंगहाली के कारण जॉन्डिस का इलाज नहीं करा पाये नरेश की मौत

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Dhanbad: धनबाद के भूली थाना क्षेत्र स्थित ए ब्लॉक कॉलोनी में एक पारा शिक्षक नरेश कुमार निषाद की मौत हो गई. मौत का कारण बताया जा रहा है, जॉन्डिस. लेकिन हकीकत ये है कि नरेश की जान बीमारी ने नहीं बल्कि बीमार सिस्टम ने ली. जी हां, कहने को तो नरेश पारा टीचर थे, लेकिन तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण वो तंगहाली में जी रहे थे. परिवार के लिए गुजारा चलाना मुश्किल हो गया था. ऐसे में नरेश अपना इलाज करवाते भी तो कैसे. कहां से लाते पैसे.

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11 सालों से पढ़ा रहे थे नरेश

रोते बिलखते परिजन

नरेश धारियाजोबा बस्ती उत्क्रमित उच्च विद्यालय में 11 वर्ष से पढ़ा रहे थे. लगातार अपना श्रम दान देते आ रहे नरेश को पता न था कि इसका परिणाम इतना भयानक होगा. कई महीनों से जॉन्डिस जैसी बीमारी से जूझ रहे थे. इधर कई महीने से वेतन नहीं मिलने से नरेश की हालत ख़राब होती गयी और गुरुवार को उनकी मौत हो गई.

परिजनों में नाराजगी

नरेश अपने घर मे इकलौते थे और भुली ए ब्लॉक गजब चौक स्थित आवास में रहते थे. नरेश के सहारे ही पूरे परिवार का गुजर बसर चलता था. मृतक की बहन की मानें तो तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से बीमारी से उनकी हालत खराब थी और वो अपना इलाज नहीं करा पा रहे थे.

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परिजनों ने नरेश की मौत का जिम्मेवार सरकार को ठहराया है. परिजनों का कहना है कि अगर उन्हें समय से वेतन मिल जाता. तो उनकी मौत नहीं होती. लेकिन अब देखने वाली बात यह है कि क्या इस घटना के बाद भी सरकार का ध्यान इस ओर जाता है. या फिर कई मौतों की तरह इस बार भी सरकार चुप्पी साध लेती है.

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