JamshedpurJharkhandRanchi

राज्य में शॉपिंग मॉल, कांप्लेक्स बन रहे हैं ट्रैफिक जाम की वजह

विज्ञापन

Ranchi : झारखंड की राजधानी समेत बड़े शहरों में बने शॉपिंग मॉल और मार्केटिंग कांप्लेक्स अब यातायात बाधित करने की वजह बनते जा रहे हैं. सरकार के नगर विकास और आवास विभाग का मानना है कि बदलते शहरी परिवेश की वजह से रांची, धनबाद, जमशेदपुर और अन्य जगहों पर शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स का निर्माण धड़ल्ले से हो रहा है. इससे आम नागरिकों को ना सिर्फ वाहनों की पार्किंग में दिक्कतें हो रही है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है.

इसे भी पढ़ें : IAS, IPS और टेक्नोक्रेटस छोड़ गये झारखंड, साथ ले गये विभाग का सोफासेट, लैपटॉप, मोबाइल,सिमकार्ड और आईपैड

बिल्डिंग बायलॉज में किया जा सकता है सुधार 

मॉल के सामने पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं रहने से लोग जहां-तहां अपने वाहनों को पार्क करते हैं, जिससे पूरे शहर का ट्रैफिक गड़बड़ हो जाता है. राजधानी के संदर्भ में न्यूक्लियस मॉल, बिग बाजार, आईलेक्स, ग्लिट्ज समेत अन्य मॉल में हमेशा इस तरह का नजारा आम है. इस संदर्भ में नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह ने एक लाख वर्ग फीट और इससे अधिक स्पेश में बने मॉल, मल्टीप्लेक्स की जानकारी मांगी है. उन्होंने सभी नगर निगम के आयुक्तों से कहा है कि वे सरकार को रिपोर्ट दें, जिससे विदेशों में बने शॉपिंग मॉल की तर्ज पर झारखंड में भी बिल्डिंग बायलॉज में सुधार किया जा सके.

advt

इसे भी पढ़ें : घुटन में माइनॉरटी IAS ! सरकार पर आरोप- धर्म देखकर साइड किए जाते हैं अधिकारी

मॉल के पार्किंग पर अब रहेगी नजर

सरकार ने शॉपिंग मॉल पर वाहनों की पार्किंग स्थल पर नजर रखने का निर्णय लिया है. सभी मॉल संचालकों से यह पूछा जायेगा कि उन्होंने भवन निर्माण का काम तय मापदंड के आधार पर किया है या नहीं. संबंधित नगर निगम की तरफ से मॉल और मल्टीप्लेक्स के निर्माण को लेकर भवन प्लान की स्वीकृति सही ढंग से की गयी है या नहीं. इस पर भी रिपोर्ट मांगी गयी है.

इसे भी पढ़ें : पुलिस महकमे के एक खास वर्ग का नौकरशाही में वर्चस्व, राष्ट्रपति से शिकायत

छुट्टी के दिनों में मॉल में होती है ज्यादा भीड़-भाड़

सरकार का मानना है कि छुट्टी के दिनों में मॉल, मल्टीप्लेक्स और बहुमंजिली मार्केट में काफी भीड़ रहती है. छुट्टियों में कार, जीप, बाइक और अन्य वाहनों से चलनेवाले लोगों की संख्या ज्यादा होने से तय क्षमता से अधिक वाहनों का प्रवेश इन बाजारों में होता है. इससे आसपास की खाली जगहों पर भी लोग अपनी गाड़ियां पार्क कर देते हैं. जबकि इन जगहों पर पार्किंग के लिए मॉल के संचालकों के द्वारा किसी तरह का परमिशन नहीं होता है. जिसकी वजह से ही जाम की स्थिति और अधिक परेशान करने वाली होती है.

adv

इसे भी पढ़ें : पत्रकार से जाति विशेष बातचीत के दौरान IPS  इंद्रजीत महथा ने अपने जूनियर-सीनियर अफसरों को भला-बुरा कहा

सरकार की राय में घनी आबादी से बाहर होना चाहिए निर्माण

सरकार का मानना है कि कई देशों में बड़े व्यावसायिक बाजार अथवा मॉल घनी आबादी वाले क्षेत्र से बाहर बनाये जाते हैं. शहर की आबादी से इनका कोई लेना-देना नहीं रहता है. यहां पर पार्किंग की समस्या भी नहीं रहती है. नये मॉल निर्माण के समय इसी तरह की व्यवस्था अपनाने पर सरकार विचार कर रही है.

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button