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झटके पर झटकाः मूडीज ने भारत की विकास दर 6.6 प्रतिशत से घटा कर 5.4 प्रतिशत की

New Delhi: भारत की अर्थव्यवस्था को झटके पर झटका लग रहा है. आइएमएफ ने पिछले हफ्ते ही कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए तत्काल उपाय करने होंगे. इसके तुरंत बाद ही अर्थव्यवस्था की रेटिंग करनेवाली जानीमानी संस्था मूडीज ने भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर के अनुमान को 6.6 फीसदी से घटा कर 5.4 फीसदी कर दिया है.

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी ने पहले भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 6.6 फीसदी विकास दर बतायी थी. अपनी ग्लोबल रिपोर्ट में मूडीज ने यह आकलन पेश किया है.

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तुरंत सुधार की जरूरत

आइएमएफ ने पिछले सप्ताह ही कहा था कि अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए तुरंत आधारभूत संरचना और आर्थिक सुधार करना आवश्यक है. मूडीज ने भारतीय वर्ष 2021 के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 5.8 फीसदी दर बतायी है जबकि पहले यह 6.7 फीसदी थी.

भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों के कारण गिरावट देखी जा रही है. सरकार ने आर्थिक सुस्ती को संभालने के लिए पिछले कुछ महीनों में कई उपाय किये हैं. इस बयान के मुताबिक 2018 के मध्य से भारत का आर्थिक विकास उल्टी दिशा में दौड़ने लगा था. मूडीज का कहना है कि निवेश की हालत उससे पहले ही खराब होने लगी थी, लेकिन अर्थव्यवस्था मजबूत रही क्योंकि उपभोक्ता मांग मजबूत बनी हुई थी. एजेंसी के मुताबिक अब संकट है क्योंकि यह मांग भी काफी घट गयी है.

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यहां तक कि 2020 के बजट में भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए कई सुधारों की घोषणा की है.

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बजट में भी पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं

राजकोषीय परिदृश्य पर अपने विचार साझा करते हुए, मूडीज ने कहा कि मांग में मंदी को दूर करने के लिए बजट में पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं है.

मूडीज ने कहा कि कर कटौती की संभावना अधिक होने पर उच्च उपभोक्ता और व्यावसायिक खर्चों में तब्दील होने की संभावना नहीं है।

सरकार द्वारा पहले जीडीपी अग्रिम अनुमानों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 20 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 5 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है. वित्तीय वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में, जीडीपी निरंतर मंदी और मांग में कमी के कारण सिर्फ 4.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी.

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