Fashion/Film/T.VLead NewsNational

पोर्नोग्राफी केस में शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को मिली बेल, कहा- बिना सबूत बनाया बलि का बकरा

Mumbai : अश्लील फिल्म मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा को सोमवार को जमानत मिल गई है. सूत्रों के अनुसार उनकी जमानत याचिका पर आज सुनवाई हुई जिसके बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 50 हजार के मुचलके पर कुंद्रा को जमानत दी.

वहीं इससे पहले राज कुंद्रा ने शनिवार को मुंबई की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल कर दावा किया कि उन्हें ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है और मामले में दाखिल पूरक आरोप पत्र में कोई सबूत नहीं है जो कथित आपत्तिजनक फिल्म बनाने में उनकी प्रत्यक्ष संलिप्तता को साबित करे.

इसे भी पढ़ें:रूपा तिर्की केस: सीबीआइ को मिला कांग्रेस विधायक बंधु तिर्की का ऑडियो, वीडियो टेप, परिजनों को कर रहे हैं ‘मैनेज’- सुनिये ऑडियो..

advt

कुंद्रा को 19 जुलाई को किया गया था गिफ्तार

मामले की जांच कर रही अपराध शाखा ने कुंद्रा और तीन अन्य के खिलाफ कथित तौर पर अश्लील (पोर्न) फिल्म बनाने और कुछ ऐप की मदद से प्रसारित करने के आरोप में हाल में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया.

इसके बाद आरोपी ने मेट्रोपोलिटन अदालत का रुख किया और तर्क दिया कि व्यवहारिक रूप से मामले की जांच हो चुकी है. बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति कुंद्रा को 19 जुलाई को गिफ्तार किया गया था.

इसे भी पढ़ें: 27 सितंबर को कृषि कानून के खिलाफ कांग्रेस का भारत बंद

कुंद्रा ने दावा, अभियोजन के पास एक भी सबूत नहीं

राज के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.

अधिवक्ता प्रशांत पाटिल के जरिये दाखिल जमानत अर्जी में कुंद्रा ने दावा किया कि आज की तरीख तक अभियोजन के पास एक भी सबूत नहीं है जो ‘हॉटशॉट्स’ ऐप को कानून के आधार पर अपराध के साथ संबद्ध कर सके. अभियोजन के मुताबिक हॉटशॉट्स ऐप के जरिये आरोपी अश्लील सामग्री को अपलोड एवं स्ट्रीमिंग करता था.

इसे भी पढ़ें: खुशखबरीः भारत और न्यूजीलैंड के बीच जेएससीए स्टेडियम में 19 नवंबर को खेला जायेगा टी-20 मैच

अर्जी में कहा, कुंद्रा को गलत तरीके से मामले में फंसाया गया

जमानत अर्जी में यह भी कहा गया कि पूरे पूरक आरोप पत्र में एक भी आरोप मौजूदा आवेदक (कुंद्रा) के खिलाफ नहीं है जो इंगित करे कि वह किसी वीडियो की शूटिंग में सक्रिय रूप से शामिल थे. बल्कि यह कलाकार के विवेक पर है कि वह सामग्री ऐप पर अपलोड करे या नहीं करे.

आवेदन में कहा गया कि शिकायत की सामग्री प्रथम दृष्टया कुंद्रा के खिलाफ किसी अपराध का खुलासा नहीं करती. अर्जी में दावा किया गया कि कुंद्रा को गलत तरीके से मामले में फंसाया गया. उनका नाम प्राथमिकी में नहीं था लेकिन प्रतिवादी (पुलिस) ने उसका नाम जबरन मामले में खींचा.

इसे भी पढ़ें :गरीबों को मिलेगा सोना-सोबरन धोती साड़ी योजना का लाभ, 22 सितंबर को सीएम करेंगे शुभारंभ

‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है

याचिका में कहा गया कि इसकी वजह एजेंसी ही बता सकती है लेकिन उन्हें ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है. इसमें कहा गया कि जांच में साफ तौर पर दिखता है कि कुंद्रा का ‘आपत्तिजपक सामग्री’ बनाने के किसी भी अपराध में दूर-दूर तक संबंध नहीं है.

इसे भी पढ़ें :महेश भट्ट : संवेदनशील निर्देशक के सेक्स और क्राइम थ्रिलर के जाल में भटकने की दास्तान

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: