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शिबू सोरेन ठीक से चल नहीं सकते, लड़ रहे हैं चुनाव, 40 साल तक संथाल के लिए कुछ नहीं किया: सीएम

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  • हेमंत सोरेन ने राज्य के बालू का कण-कण मुंबई के ठेकेदार को देने का काम किया
  • जेएमएम का काम आदिवासी के नाम पर राजनीति करना और पैसा कमाना है
  • तीन आदिवासी मुख्यमंत्री हुए लेकिन संथाल पिछड़ा रहा, अब जाग चुके हैं संथाल के युवा

Ranchi: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि एक बार फिर शिबू सोरेन चुनाव लड़ रहे हैं. वे ठीक से चलने में भी असमर्थ हैं. उन्होंने 40 साल तक संथाल के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया. अब संताल के युवा जाग चुके हैं. तीन आदिवासी मुख्यमंत्री हुए लेकिन संथाल समाज के  विकास के लिए कुछ भी नहीं किया. उनकी भाषा ओल चिकि को सम्मान देने का कार्य भी किसी ने नहीं किया. वर्तमान सरकार ने ओल चिकि को सम्मान दिया. कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई ओल चिकि में हो यह सुनिश्चित किया गया. सरकारी भवनों का नामकरण ओल चिकि में करने का आदेश दिया गया. आज संथाल में पहले की अपेक्षा विकास नजर आ रहा है. सीएम मंगलवार को बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र के जयापुर हाट मैदान में  आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे.

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राज्यसभा चुनाव में झामुमो ने आदिवासी-मूलवासी को टिकट नहीं दिया

झामुमो आदिवासी और मूलवासी के कल्याण की बात करता है. जब हक दिलाने की बात आती है तो झामुमो को बाहर के लोग याद आते हैं. राज्यसभा के चुनाव में झामुमो ने मूलवासी या आदिवासी को कभी टिकट नहीं दिया. अर्जुन मुंडा की सरकार को सत्ता से हटा कर खुद हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बन गये. कहते थे झारखंड के कण-कण पर यहां के लोगों का हक है. मुख्यमंत्री रहते हुए हेमंत सोरेन ने बालू के कण-कण को मुंबई की एक कंपनी को दे दिया, जबकि इस पर ग्राम पंचायत का हक था. वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को हटाया और ग्राम पंचायत को बालू उठाव की जिम्मेवारी सौंपी. जेएमएम ने आदिवासियों को छलने का काम किया है. सीएनटी-एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर 500 करोड़ की जमीन सोरेन परिवार ने अपने नाम की, जिसका प्रमाण भी है.

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2014 से पूर्व की सरकार की तुलना करें

2014 से पूर्व भी सरकारें थीं. आप वर्तमान सरकार के कार्य की तुलना उनसे कर सकते हैं. पूर्व की सरकारें गोलमाल और घोटाले में लिप्त रहीं. 2019 में भी बना महागठबंधन लूट के लिए बना है. इस गठबंधन से सबसे अधिक नुकसान गरीबों को होगा. मोदी सरकार बनने के बाद गांव, गरीब, किसान, महिलाओं, युवा को ध्यान में रख कर योजनाएं लागू की गयीं. आतंकवाद और उग्रवाद के मामले में सरकार ने सख्ती दिखायी, जिसका परिणाम है कि वे अंतिम सांसे गिन रहें हैं. अब तक सात लोकसभा सीट पर मतदान हो चुका है. संपन्न हुए चुनाव में जनता ने पीएम मोदी के प्रति विश्वास दिखाया है. विश्वास है कि 12 व 19 मई को 7 सीट पर होनेवाले मतदान में भी जनता भाजपा के पक्ष में मतदान करेगी.

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