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#BJP में शामिल होने वाले हत्या के आरोपी शशिभूषण मेहता हैं 10 मामलों में आरोपी

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Ranchi: तीन अक्टूबर को धक्का-मुक्की और मारपीट के हंगामे के साथ बीजेपी में शामिल होने वाले कुशवाहा शशिभूषण मेहता सिर्फ एक ही मामले में आरोपी नहीं हैं.

वो सुचित्रा मिश्रा हत्याकांड के अलावा नौ और मामलों में आरोपी हैं. जिसमें से एक मामले में सीबीआइ ने चार्जशीट तक दाखिल कर ली है.

बावजूद इसके चुनाव से ठीक पहले अनुशासित कही जाने वाली पार्टी बीजेपी में उन्हें बड़े ही सम्मान के साथ शामिल कराया गया. हालांकि सुचित्रा मिश्रा के परिजनों ने जमकर इस बात का विरोध किया.

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विरोध के दौरान काफी हंगामा हुआ. शशिभूषण मेहता के समर्थकों ने सुचित्रा मिश्रा के बेटों के साथ मारपीट की.

इस हंगामे के बीच शशिभूषण मेहता बीजेपी में शामिल हुए. पूछे जाने पर पार्टी के अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ का कहना था कि आरोप सभी पर लगते हैं. लेकिन जब आरोप साबित नहीं होता किसी को दोषी नहीं माना जाना चाहिए.

तीन मामलों में शशिभूषण मेहता पर चार्ज फ्रेम्ड

जेएमएम से बीजेपी में शामिल हुए शशिभूषण मेहता पर तीन मामलों में चार्ज फ्रेम्ड हो चुका है. इनमें से एक सुचित्रा मिश्रा हत्या कांड है. 16 मई 2016 को पांकी विधानसभा में होने वाले उपचुनाव में शशिभूषण मेहता जेएमएम की तरफ से उम्मीदवार थे.

1) चुनाव के दौरान जो ब्योरा उन्होंने चुनाव आयोग को दिया है, उसके मुताबिक सुचित्रा मिश्रा हत्याकांड में शशिभूषण मेहता पर आइपीसी की धारा 302 और 34 के तहत आरोपी बनाया गया है.

आरोप साबित होने पर 302 में जो भी कोई किसी व्यक्ति की हत्या करता है, तो उसे मृत्यु दंड या आजीवन कारावास और साथ ही आर्थिक दंड से दंडित किया जाता है.

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वहीं आइपीसी की धारा 34 में जब एक आपराधिक कृत्य सभी व्यक्तियों ने सामान्य इरादे से किये हो, तो प्रत्येक व्यक्ति ऐसे कार्य के लिए जिम्मेदार होता है जैसे कि अपराध उसके अकेले के द्वारा ही किया गया हो.

2) 17 जून 2014 को पलामू जिला के सदर थाना में एक मामला दर्ज हुआ, जिसमें शशिभूषण मेहता पर आइपीसी की धारा 147, 148, 149, 323, 307, 332, 353, 341, 342, 343 और 188 के तहत मामला दर्ज हुआ है. आइपीसी की ऐसी धाराएं उपद्रव करने वालों के खिलाफ लगायी जाती है.

3) 30 नवंबर 2016 को झारखंड के सेंट्रल यूनिवर्सिटी में हुए किसी निर्माण को लेकर शशिभूषण मेहता पर चार्जशीट दायर हुई है. इस मामले में शशिभूषण मेहता सह आरोपी हैं.

मामले में यूनिवर्सिटी के तत्कालीन वीसी डीके खटिंग भी आरोपी हैं. दोनों पर आइपीसी की धारा 420, 468 और 471 के तहत आरोपी बनाया गया है.

तीन मामलों में कोर्ट के संज्ञान पर चार थाने में मामला हुआ दर्ज

पलामू जिले में कोर्ट के संज्ञान पर बीजेपी में शामिल होने वाले शशिभूषण मेहता पर तीन मामले दर्ज हुए हैं. पहला जीआर नंबर 2247/14, थाना मनातू. दूसरा केस नंबर 1913/09, थाना सदर और तीसरा केस नंबर 209/07. इनके अलावा तरहासी थाना में केस नंबर 66/14. पांकी थाना में केस नंबर 91/14. तरहासी थाना में 68/14 और नामकुम थाना में केस नंबर 127/15.

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जानें कैसे-कैसे लगे हैं आरोप

– हत्या करने की कोशिश-307
– सरकारी कर्मी को चोट पहुंचाने की कोशिश- 332
– हत्या- 302
– दंगा फैलाना- 147
– खतरनाक हथियार को लेकर दंगा करना- 148
– जानबूझ कर किसी को चोट पहुंचाना- 323
– आपराधिक शक्तियों का इस्तेमाल कर सरकारी कर्मी को उसका काम करने से रोकना- 353
– गलत तरीके से किसी को रोकना- 341

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