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#Shaheen_Bagh_ Protesters नरम हुए, वार्ता के बाद नोएडा-फरीदाबाद जाने वाला एक रास्ता खोला

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NewDelhi : शाहीन बाग से एक राहत भरी खबर आयी है. नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आश्रम, जामिया, ओखला, बाटला हाउस से नोएडा और फरीदाबाद जाने वाला एक रास्ता खोल दिया है. रास्ता बंद रहने के कारण जामिया, बाटला हाउस, ओखला और आसपास के इलाके से नोएडा जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था.

हालांकि प्रदर्शनकारियों ने जिस रास्ते को खोला है, वह बेहद संकरा है. इस रास्ते से सिर्फ बाइक और कार ही नोएडा और फरीदाबाद के लिए जा पायेंगे. प्रदर्शनकारियों ने सिर्फ अबुल फजल वाला रास्ता खोला है, जो बेहद संकरा है.  हालांकि अभी तक प्रदर्शनकारियों ने शाहीन बाग वाले मुख्य रास्ते को नहीं खोला है.

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दिल्ली पुलिस ने कहा, शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों द्वारा रास्ता खोलने की जानकारी  नहीं 

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकारों से बातचीत के बाद अबुल फजल वाले रास्ते को खोलने का फैसला लिया गया है. इस संबंध में प्रदर्शनकारियों की दिल्ली पुलिस से कोई बातचीत नहीं हुई है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि रास्ता खोलने को लेकर हमारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत नहीं हुई है. दिल्ली पुलिस का यह भी कहना है कि हमको शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों द्वारा रास्ता खोलने की जानकारी भी नहीं हैं.  हालांकि उनका प्रदर्शन जारी है.  जान लें कि पिछले करीब 70 दिन से शाहीन बाग में प्रदर्शन चल रहा है

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साधना रामचंद्रन शाहीन बाग में पहुंचीं

इससे पहले तीन दिन की बातचीत विफल रहने के बाद चौथे दिन यानी आज शनिवार को वार्ताकार साधना रामचंद्रन शाहीन बाग में पहुंचीं और प्रदर्शनकारी महिलाओं से बातचीत की. साधना रामचंद्रन ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि कल शुक्रवार को हमने सड़क के बारे में बात की थी. कल हमने आधे रोड की बात की, आपने सुरक्षा की बात की.  प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर हमें लिखित में सुरक्षा का आश्वासन नहीं मिलता तो बात नहीं बनेगी.

बातचीत के क्रम में प्रदर्शनकारी महिलाओं ने वार्ताकार साधना रामचंद्रन के सामने कुछ मांगें रखीं. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सुप्रीम कोर्ट सुरक्षा पर एक आदेश जारी करे. प्रदर्शनकारी यह भी चाहते थे कि शाहीन बाग और जामिया के लोगों के खिलाफ मुकदमे वापस लिये जायें. शाहीन बाग की एक दादी ने कहा कि जब CAA वापस लेंगे तो रोड खाली होगा नहीं तो नहीं होगा. एक दूसरी महिला ने कहा कि अगर आधी सड़क खुलती है तो प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा की पुलिस नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट जिम्मेदारी ले.

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