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2014 से ही शाह ने शुरू कर दी थी 2019 की तैयारी : 161 कॉल सेंटर्स, 15,600 कॉलर्स के जरिये 20 करोड़ वोटर्स तक पहुंचे

NewDelhi :  भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 2019 के आम चुनाव की तैयारी 2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ही शुरू कर दी थी.  पार्टी को मजबूत करने के लिए शाह ने एक  नवंबर 2015 से पार्टी की सदस्यता का कार्यक्रम शुरू किया. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पार्टी का चाणक्य कहा जाता है.   सदस्यता कार्यक्रम के तहत साथ आयें देश बनायें का नारा अमित शाह ने दिया.  जुलाई 2016  तक मिस्ड कॉल जैसे आसान प्रक्रिया के तहत पार्टी के सदस्यों की संख्या 3.5 करोड़ से 11 करोड़ तक पहुंच गयी. इसके बाद शाह ने महासंपर्क अभियान की शुरू किया.

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इसके तहत पार्टी के नये सदस्यों को पार्टी की विचारधार से रुबरु कराना था. इतना ही नहीं शाह ने इसके बाद बूथ स्तर पर मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम शुरू किया. उन्होंने पश्चिम बंगाल के नक्सलबारी से दीन दयाल विस्तारक योजना की भी शुरुआत की. इसके तहत उन 120 सीटों पर फोकस किया गया जहां पार्टी पिछले चुनाव में हारी थी. 2019 का चुनाव जीतने के रणनीति बनाने के लिए यह 95 दिन का राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम था. पार्टी महासचिव ने बताया कि बूथ स्तर पर पार्टी का काम बहुत बेहतरीन रहा. किसी भी पार्टी में भाजपा की तरह इस तरह की क्षमता नहीं है.

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  17 प्रकोष्ठ के स्थान पर 19 विभाग बनाये

इस क्रम में शाह ने दक्षिण और पूर्वोत्तर में जहां पार्टी मजबूत नहीं है, वहां विस्तार की रणनीति बनाई. शाह ने ऐसी 115 सीटों की सूची बनाई जिस पर पार्टी को जीत के लिए फोकस करना था. इनमें ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल शामिल थे. इसके लिए पार्टी के पूर्वोत्तर प्रभारी व अन्य लोगों को जिम्मेदारी दी गयी. शाह ने पार्टी के तत्कालीन 17 प्रकोष्ठ के स्थान पर 19 नये विभागों का गठन किया. इनके जिम्मे पार्टी सदस्यता, जिला स्तर पर कार्यालय, कार्यालयों का मॉडर्नाइजेशन, स्वच्छ भारत, नमामि गंगे जैसे सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का प्रचार करना आदि शामिल था.

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20 करोड़ लोगों से संपर्क किया

भाजपा ने हाईटेक डिजाइनर और कंसल्टेंट्स की टीम बनाई. मोदी सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने वाले 20 करोड़ लोगों तक 161  कॉल सेंटर के 15600 कॉलर के जरिए संपर्क किया.  भाजपा के पिछले पांच साल का अभियान कॉल सेंटर्स, जीपीएस वाले रथ, वीडियो और होलोग्राम एड्रेस, बूथों और वॉलिटियर्स की ट्रैकिंग में तकनीक का पूरा प्रयोग किया गया. शाह ने 161  कॉल सेंटर्स बनाये. इसमें 12662 कार्यकताओं को लोगों से संपर्क साधने की जिम्मेदारी दी गयी. इसे बखूबी पूरा किया गया.

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