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 शाह ने कहा,  कंधार विमान अपहरण का मुद्दा उठाकर सोनिया-मनमोहन के विवेक पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं राहुल

विमान में फंसे लोगों के जीवन की रक्षा को प्राथमिकता मानते हुए सभी राजनीतिक दलों की सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया कि विमान में फंसे लोगों की जिंदगी हमारे लिए अधिक महत्वपूर्ण है.

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  NewDelhi :  कंधार विमान अपहरण की घटना के बाद वाजपेयी की सरकार ने आतंकी मसूद अजहर को क्यों छोड़ा?  यह सवाल पूछकर कांग्रेस व राहुल गांधी असंवेदनशीलता’का परिचय देते हुए सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह जैसे अपने नेताओं के विवेक पर प्रश्नचिन्ह भी लगा रहे हैं.   भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को अपने ब्लॉग में यह बात लिखी. पूछा कि क्या कांग्रेस को नहीं पता कि जब विमान अपहरण की घटना हुई तब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस विषय पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई थी ? उस बैठक में कांग्रेस की तरफ से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और डॉ मनमोहन सिंह मौजूद थे. शाह ने लिखा है कि देश के मानस को स्वीकारते हुए तथा विमान में फंसे लोगों के जीवन की रक्षा को प्राथमिकता मानते हुए सभी राजनीतिक दलों की सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया कि विमान में फंसे लोगों की जिंदगी हमारे लिए अधिक महत्वपूर्ण है.  शाह ने कहा कि इसीलिए सभी दलों ने सर्वसम्मति से मसूद अजहर को सौंपने तथा अपने लोगों को वापस लाने का प्रस्ताव स्वीकार किया.

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2010 में जब कांग्रेस की सरकार थी, तब 25 खतरनाक आतंकियों को क्यों छोड़ा

भाजपा अध्यक्ष शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा,  आज कांग्रेस और राहुल गांधी उस घटना पर सवाल उठाकर न सिर्फ असंवेदनशीलता का परिचय दे रहे हैं बल्कि अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के विवेक पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं. बता दें कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने में चीन के वीटो के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से डरे हुए हैं. इसका जवाब देते हुए शाह ने कहा कि सरकार ने उस मांग को स्वीकार किया और आतंकियों की रिहाई की. यह भी गुडविल जेस्चर नहीं था.  साथ ही सवाल किया कि कांग्रेस पार्टी को यह बताना चाहिए कि 2010 में जब कांग्रेस की सरकार थी, तब 28 मई को 25 खतरनाक आतंकियों को क्यों छोड़ा गया?  कहा कि कंधार विमान अपहरण घटना से दस साल पहले देश के तत्कालीन गृहमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद का कश्मीर के घाटी क्षेत्र में आतंकियों ने अपहरण कर लिया और इसके बदले उन्होंने 10 आतंकियों को छोड़ने की मांग की थी  भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीति हमेशा आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद को लेकर ढुलमुल रही है.  शाह ने जोर दिया कि खुद कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित ने यह स्वीकार किया है कि मनमोहन सिंह की आतंकवाद पर नीति मोदी सरकार की सख्त नीतियों की तुलना में ढीली थी.

मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने पर चीन के अड़ंगे के संदर्भ में कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू द्वारा मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र से पता चलता है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का विषय जब आया तब पंडित नेहरू ने पहले चीन की नीति पर चलते हुए यह अवसर चीन के हाथों में दे दिया था.

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