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शाह ने कहा, बंगाल में 23, देश में 300 से अधिक सीटें जीतेंगे, सीआरपीफ न होती, तो मेरा बच निकलना मुश्किल था

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NewDelhi : पश्चिम बंगाल में भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हुई हिंसा को लेकर विवाद तेज हो गया है.  शाह ने बुधवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल कीसीएम ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधा.

शाह ने कहा कि मैं इतना कहना चाहता हूं कि अगर सीआरपीफ न होती तो मेरा वहां से बच निकलना बहुत मुश्किल था, कहा कि सौभाग्य से ही मैं बचकर आया हूं. हमारे बहुत कार्यकर्ता मारे गये हैं, मुझ पर हमला होना भी स्वाभाविक था, इससे ये तय हो गया है कि टीएमसी किसी भी हद तक जा सकती है.

अमित शाह ने कहा, मैं ममता बनर्जी को बताना चाहता हूं कि आप सिर्फ 42 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन भाजपा  सभी राज्यों में सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं.  बंगाल में सभी छह चरण के चुनाव के दौरान हिंसा हुई, जबकि देश के बाकी हिस्सों में ऐसा नहीं हो रहा.  यानी बंगाल में जानबूझकर हिंसा की जा रही है.  बंगाल में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है.

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जितना कीचड़ फैलाओगी, कमल उतना ही खिलेगा

अमित शाह ने कहा कि टीएमसी को अपनी हार का अंदाजा हो गया है, इसलिए वह ऐसा काम कर रही है;  उन्होंने चुनाव आयोग पर सबकुछ चुपचाप देखने का आरोप भी लगाया.   शाह ने आरोप लगाया कि टीएमसी ने धमकी देने की भाषा और संस्कृति को अपनाया है, शुरू में सबने नजरअंदाज किया है लेकिन बंगाल की जनता बदलाव का मन बना चुकी है.

उन्होंने दावा किया कि बीजेपी 23 से ज्यादा सीटें जीतकर चुनाव स्वीप करने जा रही है.  विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, आप मुझसे पूछते हो कि कितनी सीटें जीत रहे हैं? हम पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार कर चुके हैं;  हम 300 से अधिक सीटें जीतने जा रहे हैं: शाह, लीडर ऑफ ऑपोजिशन सारे फ्रंट मिलकर तय कर लें.

शाह ने ममता बनर्जी को निशाने पर लेते हुए कहा, छह चरण के चुनाव हो चुके हैं, टीएमसी हार रही है;  राष्ट्रपति शासन लगाने की जरूरत नहीं है, 23 को यह शासन समाप्त होने जा रहा है, जनता ही समाप्त कर देगी.  बंगाल में  जिस प्रकार का जनसैलाब हमें देखने को मिला है, हमें मालूम है कि बंगाल की जनता किस ओर जा रही है.

उन्होंने सवाल किया कि दो दिन पहले ममता ने मंच से धमकी दी कि बदला लूंगी तो चुनाव आयोग ने संज्ञान क्यों नहीं लिया, प्रचार क्यों बैन नहीं किया.  उन्होंने ममता पर तंज कसते हुए कहा, ममता दीदी मानती है कि हिंसा का कीचड़ फैलाकर चुनाव जीत लेंगे.  ममता दीदी उम्र आपकी बड़ी है लेकिन अनुभव मेरा ज्यादा है.  जितना कीचड़ फैलाओगी, कमल उतना ही खिलेगा.

चुनाव आयोग के ऑब्जर्वर क्या कर रहे हैं

पिछले साल हुए पंचायत चुनावों के दौरान हिंसा का मुद्दा उठाते हुए शाह ने कहा कि तब भी सात राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या हुई थी.  सब विपक्ष के थे और ज्यादातर भाजपा के कार्यकर्ता थे. उन्होंने कहा कि बंगाल हाई कोर्ट को फैसला देने पड़ा कि सरपंच का चुनाव लड़ने वालों को पर्चा वॉट्सऐप पर स्वीकार किया जाये क्योंकि पुलिस और टीएमसी के कार्यकर्ता उन्हें पर्चा भरने जाने नहीं देते थे.  उन्होंने आरोप लगाया कि 37% लोगों को वोट डालने नहीं दिया गया.

बैलट बॉक्स उठाकर ले गये.  शाह ने चुनाव आयोग पर भी यह सब चुपचाप देखने का आरोप लगाया.  उन्होंने कहा, चुनाव आयोग को कहना चाहता हूं कि बंगाल में हो रहे चुनाव को आयोग चुपचाप देख रहा है. हिस्ट्रीशीटर, तड़ीपार, परोल पर बाहर लोगों को चुनाव के दिन गिरफ्तार किया जाता है लेकिन बंगाल के अंदर किसी जगह हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार नहीं हुआ.  चुनाव आयोग के ऑब्जर्वर क्या कर रहे हैं

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