DeogharJharkhand

यौन उत्पीड़न मामले में प्रदीप यादव के खिलाफ वारंट जारी, होंगे गिरफ्तार

Deoghar : जेवीएम महिला नेत्री से यौन उत्पीड़न के मामले जेवीएम के पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव को पुलिस जांच में दोषी पाया गया है. शनिवार को विधायक प्रदीप यादव के खिलाफ सीजेएम कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है.

प्रदीप यादव के खिलाफ शुक्रवार को गरिमा मिश्रा की अदालत ने गिरफ्तारी वारंट के लिए अर्जी दी गयी थी. कोर्ट ने शनिवार को सुनवाई के बाद गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया.

वहीं वारंट जारी होने के बाद प्रदीप यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं क्योंकि अब देवघर पुलिस कभी भी प्रदीप यादव को गिरफ्तार कर सकती है.

Sanjeevani

पुलिस जांच में दोषी पाए गए प्रदीप यादव

प्रदीप यादव को पुलिस जांच में दोषी पाया गया है. केस की अनुसंधानकर्ता साइबर डीएसपी नेहा बाला की रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है. पुलिस की जांच में प्रदीप यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354ए, 354बी, 354डी, 506 और 509 में मामला सत्य पाया गया है.

कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज

18 जून को देवघर कोर्ट ने मामले को लेकर विधायक प्रदीप यादव की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

इससे पहले सोमवार (17 जून ) को अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा था. जिसे सुनने के बाद एडीजे प्रथम ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

पूर्व जेवीएम महासचिव और पोड़ैयाहाट से विधायक प्रदीप यादव पर जेवीएम की केंद्रीय प्रवक्ता रिंकी झा ने यौन शोषण के प्रयास का मामला दर्ज कराया है.

13 जून को प्रदीप यादव ने दर्ज कराया था अपना बयान

13 जून को प्रदीप यादव ने साइबर थाना में एसडीपीओ विकास चंद्र श्रीवास्तव और आईओ संगीता कुमारी के सामने अपना बयान दर्ज करवाया था. पुलिस ने बंद कमरे में उनसे दो घंटे तक पूछताछ की थी.

इससे पहले प्रदीप यादव को अपना पक्ष रखने के लिए सात जून तक का समय दिया गया था. लेकिन प्रदीप यादव ने थोड़ा समय मांगा था. जिसके बाद उन्हें 13 जून तक का समय दिया गया था.

Related Articles

Back to top button