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सीवरेज-ड्रेनेज सिस्टम : मंत्री, सांसद के बाद अब मेयर ने जतायी नाराजगी, 15 दिसंबर तक का दिया अल्टीमेटम

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Ranchi : नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार के बाद अब रांची की मेयर आशा लकड़ा ने भी निगम क्षेत्र के सीवरेज-ड्रेनेज कार्य को लेकर नाराजगी जतायी है. सीवरेज-ड्रेनेज के नाम पर कई वार्डों में गड्ढे खोदकर उन्हें खुला छोड़ दिये जाने को मेयर ने कार्य देख रहे संवदेक ज्योति बिल्डटेक और इंजीनियरों की लापरवाही बताया है. मेयर ने इस कार्य के लिए अब 15 दिसंबर 2018 तक की डेडलाइन तय कर दी है. सीवरेज-ड्रेनेज निर्माण कार्य को लेकर शुक्रवार को निगम कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मेयर ने यह आदेश दिया है. इस दौरान उन्होंने सीवरेज-ड्रेनेज के अब तक के निर्माण कार्य, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट कार्य की वर्तमान स्थिति, संवेदक को अब तक किये भुगतान, निर्माण कार्य के लिए खोदे गये रोड की स्थिति की भी जानकारी ली. बैठक में डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, नगर आयुक्त मनोज कुमार, इंजीनियरिंग विभाग के अजीत लुईस लकड़ा, यूएन तिवारी उपस्थित थे.

कार्य लिये हुए हो गये तीन साल, बरती जा रही लापरवाही

मेयर आशा लकड़ा ने कहा कि सीवरेज-ड्रेनेज सिस्टम को राजधानी में बेहतर बनाने के लिए ही 2015 में ज्योति बिल्डटेक को काम दिया गया था. तीन साल बीतने के बाद की स्थिति यह है कि आज भी कई वार्डों में सीवरेज-ड्रेनेज की स्थिति काफी खराब है. अगर केवल नौ वार्डों ( 1, 2, 3, 4, 5, 30, 31, 32, 33) की बात करें, तो कई जगहों को खोदकर अधूरा छोड़ दिया है. इससे वहां रहनेवाले लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है. इस दौरान मेयर ने वार्ड-1 स्थित मिशन गली, राजा बंगला, चंदवे, एदलहातू, वार्ड-2 स्थित सिदो-कान्हू पार्क, गांधी नगर, विद्यापति नगर की बात करते हुए कहा कि आज भी इन इलाकों को मेन लाइन से नहीं जोड़ा जा सका है. ऐसी ही स्थिति अन्य सभी वार्डों की है.

इंजीनियरों को फील्ड विजिट करने का निर्देश

समीक्षा बैठक में मेयर ने इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों पर जमकर नाराजगी जतायी. विशेषकर इंजीनियर यूएन तिवारी को सख्ती से कार्य करने का निर्देश देते हुए बताया कि जब से राजधानी से सीवेरज-ड्रेनेज का कार्य चल रहा है, तब से वह इसका कार्य देख रहे हैं. इसके बावजूद कार्य में कोई प्रगति नहीं देखी गयी. मेयर ने उन्हें जेई, ईई के भरोसे कार्य नहीं करने की बात कहते हुए फील्ड विजिट करने का निर्देश दिया, ताकि दिये अल्टीमेटम तक कार्य पूरा हो सके.

मंत्री की फटकार के बाद कार्य में दिखी तेजी

मेयर ने कहा कि कुछ दिनों पहले नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने सीवरेज-ड्रेनेज के कार्य की प्रगति पर नाराजगी जतायी थी. इसके बाद वार्ड 30, 31 में कार्यों में तेजी लायी गयी थी. मंत्री सीपी सिंह को संतुष्ट करने के लिए मेट्रो गली के कुछ क्षेत्रों में काम किया गया, लेकिन हकीकत यह है कि मेट्रो गली के आगे अलकापुरी, इंद्रपुरी, आर्यपुरी में आज भी सीवरेज-ड्रेनेज की स्थिति काफी खराब है.

1.14 करोड़ की राशि का नहीं हो रहा उपयोग

मेयर ने बताया कि सीवरेज-ड्रेनेज के कार्यों में लापरवाही का ही नतीजा है कि 14वें वित्त आयोग की तय 1.14 करोड़ रुपये की राशि का आज तक उपयोग नहीं हो पाया है. हटिया गोंदा से माउंट पॉल स्कूल तक कार्य को अधूरा छोड़ देने के कारण यह राशि आज तक उपयोग में नहीं लायी जा सकी है. मेयर ने इंजीनियरिंग विभाग और ज्योति बिल्डटेक को 15 दिसंबर तक कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया. उन्होंने कहा कि कार्य से जुड़े लोगों की यह जिम्मेदारी है कि इस अवधि में खोदकर छोड़ दिये गड्डे को भरने, 14वें वित्त आयोग की राशि से बननेवाली सड़क (जिनका टेंडर हो चुका है) को पूरा करने के लिए अतिरिक्त लेबर लगायें.

फील्ड विजिट कर कार्यों की ली जायेगी जानकारी : डिप्टी मेयर

डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने कहा कि 358 करोड़ के सीवरेज-ड्रेनेज योजना में अब तक कोई विशेष प्रगति नहीं देखने को मिली है. कई जगह से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि सीवरेज-ड्रेनेज के लिए गड्ढा खोदने के बाद उसे जैसे-तैसे भरकर छोड़ दिया जा रहा है. इससे आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है. अब यह निर्णय लिया गया है कि चार और पांच दिसंबर को फील्ड विजिट कर वह ज्योति बिल्डटेक और इंजीनियरों के कार्यों की जानकारी लेंगे.

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