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पंचायत सचिव परीक्षा में JSSC के उत्तर कुंजी में कई उत्तर गलत

खोरठा साहित्य संस्कृति परिषद् ने की समीक्षा

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Chhaya

Ranchi: झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग की ओर से लिये गये इंटरमीडिएट स्तरीय पंचायत सचिव परीक्षा के उत्तर कुंजी के अलग-अलग सेटों में प्रश्‍नों के उत्तर गलत हैं. इसकी समीक्षा खोरठा साहित्य संस्कृति परिषद् की ओर से की गयी. समीक्षा में खोरठा भाषा के विद्वानों पाया कि JSSC की ओर से खोरठा भाषा के लिये जो उत्तर कुंजी जारी की गयी है, उसमें कई सवालों के उत्तर गलत हैं. विद्वानों ने बताया कि सिर्फ उत्तर कुंजी ही नहीं खोरठा के प्रश्‍न पत्र में भी कई विसंगतियां पायी गयी हैं. बता दें कि JSSC की ओर से 28 जनवरी से 4 फरवरी 2018 तक पंचायत सचिव परीक्षा का आयोजन किया गया था.

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इसके पूर्व भी हुआ ऐसा

विद्वानों ने बताया कि इसके पूर्व में भी कई बार ऐसा हो चुका है. जब खोरठा भाषा के संबधित प्रश्‍न और उत्तर कुंजी में इसके उत्तर गलत जारी किये गये हैं. इन्होंने बताया कि इसके पूर्व राजस्व कर्मचारी आयोग, जेटेट परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं में JSSC की ओर से गलत प्रश्‍न पूछे गये थे. वहीं इन सवालों के उत्तर भी गलत ही जारी किये जाते हैं.

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JSCC के अलग-अलग सेटों में गलती

परिषद् की ओर से संशोधित करने के बाद 28 जनवरी को ली गयी ‘सेट बी’ की परीक्षा में 14 प्रश्‍नों के उत्तर गलत जारी किये गये हैं. जिसमें प्रश्‍न संख्या 11, 14, 18, 28, 37, 38, 44, 61, 64, 71, 74, 92, 95, 96 के उत्तर गलत हैं. वहीं चार फरवरी को ली गयी परीक्षा में ‘सेट सी’ में प्रश्‍न संख्या 7, 8, 10, 11, 16, 65, 73 प्रश्‍नों के उत्तर गलत जारी किये गये हैं.

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19 जिलों में बोली जाती है खोरठा

राज्य के 24 जिलों में से 19 जिलों में खोरठा बोली जाती है. ऐसे में खोरठा पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी अधिक है. अधिक विद्यार्थी खोरठा के होने के कारण इस भाषा में अधिक नौकरी का भी सृजन होगा.

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संशोधित कर जारी करें रिजल्ट

छात्र नेता मनोज कुमार का कहना है कि खोरठा भाषा सबसे अधिक बोली जाती है. जेएसएसी को चाहिये की विद्वानों की राय ले कर ही प्रश्‍न पत्र और उत्तर कुंजी जारी की जानी चाहिये. JSSC की ऐसी लापरवाही से युवाओं का भविष्य खराब होगा. उत्तर कुंजी में संशोधन करके ही जेएसएससी को रिजल्ट जारी करना चाहिये.

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