JharkhandMain SliderRanchi

झारखंड में लॉकडाउन के नियम तोड़ने पर दो साल तक की सजा और एक लाख तक जुर्माना, जानिए मंत्रिपरिषद के अन्य फैसले

विज्ञापन

Ranchi: झारखंड में अब लॉकडाउन के दौरान बनाये गये नियम को तोड़ना काफी महंगा पड़ा सकता है. विधानसभा सत्र नहीं चलने की वजह से मंत्रिपरिषद में एक अध्यादेश लाकर इसे कानून का रूप दिया गया. जिसे झारखंड संक्रामक रोग अध्यादेश का नाम दिया गया है.

इससे पहले लॉकडाउन के नियम को तोड़ने पर किसी तरह का कोई कानून नहीं था. अब सरकार की तरफ से बनाये गये नियम तोड़े जाने पर दो साल तक की कैद की सजा और एक लाख तक का जुर्माना होगा. इस नियम के तहत मास्क ना लगाना, छह फीट का सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करना, सार्वजनिक जगहों पर थूकना, विवाह और दूसरे कार्यक्रमों में अनावश्यक रूप से भीड़ जमा करना आदि शामिल हैं. इसके अलावा धार्मिक आयोजन, दुकान, होटल और ऑफिस संचालन पर नियंत्रण, निजी वाहनों के परिवहन पर नियंत्रण जैसे मामले भी शामिल होंगे. हर कानून पूरे राज्य भर में लागू है.

इसे भी पढ़ें – Corona Update : झारखंड में 69 नये कोरोना पॉजिटिव, कुल संख्या पहुंची 6312

advt

झारखंड राज्य को मिला नया लोगो

झाऱखंड सरकार ने अपना एक नया लोगो जारी किया है. कैबिनेट की बैठक में कार्मिक सचिव ने नया लोगो जारी किया. इस लोगो को आगामी 15 अगस्त को जारी किया जायेगा. मुख्यमंत्री ने हेमंत सोरेन ने कहा है कि नया लोगो झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करता है.

ऐसे समझें झारखंड के नये लोगो को

  • राज्य चिन्ह चक्रकार है, जो राज्य की प्रगति का प्रतीक है.
  • वृत्ताकार खंड में प्रयुक्त हरा रंग झारखंड की हरी-भरी धरती एवं वन संपदा को प्रतिबंधित प्रतिबिंबित करता है.
  • चक्र में इस्तेमाल किया गया ‘हाथी’ राज्य के ऐश्वर्य का प्रतीक होने के साथ राज्य के प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों एवं समृद्धि को दर्शाता है. साथ ही हाथी झारखंड का राजकीय पशु है.
  • राज्य चिन्ह में इस्तेमाल किया गया ‘पलाश का फूल’ राज्य के अप्रतिम प्राकृतिक सौंदर्य का परिचायक है और राज्यकीय फूल भी है.
  • वृत्ताकार खंडों के बीच सुशोभित ‘सोहराई चित्रकारी’ राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करती है.
  • चक्र के मध्य का ‘अशोक स्तंभ’ राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह होने के साथ ही उपबंधित शक्तियों के अंतर्गत राज्य के संप्रभु शक्ति का परिचायक है. साथ ही देश के विकास में झारखंड की भागीदारी को भी प्रदर्शित करता है.

जैक, सीबीएसई और आइसीएसई बोर्ड टॉपर को राज्य सरकार देगी प्रोत्साहन राशि

झारखंड सरकार ने कैबिनेट में जैक, सीबीएसई और आइसीएसई बोर्ड के टॉपर्स को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है. इसके तहत तीनों बोर्ड के 10वीं के फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड टॉपर को क्रमश: एक लाख रुपये, 75 हजार रुपये और 50 हजार रुपये से पुरस्कृत करेगी. वहीं 12वीं में भी तीनों बोर्ड के टॉपर्स को सम्मानित किया जायेगा. 12वीं में तीनों संकाय (साइंस, आटर्स और कॉमर्स) के फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड टॉपर को क्रमश: तीन लाख रुपये, दो लाख रुपये और एक लाख रुपये दिये जायेंगे.

इसे भी पढ़ें – CoronaUpdate: संक्रमण के कारण दो और लोगों की गयी जान, राज्य में मौत का आंकड़ा हुआ 66

कैबिनेट के अन्य फैसले

  • झारखंड में चल रहे शहीद ग्राम योजना को तीन साल की अवधि का विस्तार मिला है. राज्य के 10 गांव में यह योजना लागू है. योजना 2020 में खत्म हो रही थी. लेकिन अब 2023 तक खत्म होगी.
  • स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एसबीटीई) को अब झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में समाहित कर दिया गया है. अब तक राज्य के तकनीकी संस्थान जैसे आइटीआइ, पॉलिटेक्निक एसबीटीई के तहत आते थे. अब राज्य के सभी आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग संस्थान झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के अंदर संचालित होंगे.
  • उच्च तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग अंतर्गत विश्व बैंक संपोषित पॉलिटेक्निक शिक्षा सुदृढ़ीकरण परियोजना के अंतर्गत संविदा के आधार पर नियुक्त शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों का वित्तीय वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 की अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गयी.
  • धनबाद के बाघमारा अंचल के छोटा नगरी की 66.7 डिसमिल को 54,55,142 रुपये में और कोडरमा जिला के कोडरमा अंचल के 1.521 जीएम लैंड को 8,51,28,697 रुपये में रेलवे को ट्रैक लगाने के लिए दिया गया.
  • वन विभाग में 1088 अस्थायी पद को स्थायी करने का फैसला लिया गया.
  • राज्य के ऐसे मदरसे जो एक पूर्ण मदरसा होने की आहर्ता पूरी नहीं करते हैं, वैसे मदरसों में काम करनेवाले शैक्षणिक और गैरशैक्षणिक कर्मियों के बकाया के भुगतान करने का निर्णय लिया गया. यह बकाया 2017-18 में 65,50,000,00 और 2018-19 में 22,12,000,00 रुपये था. साथ ही इन मदरसों को 31 मार्च 2021 तक सारी शर्तों को पूरा करने का निर्देश दिया गया है.
  • झारखंड नगरपालिका चुनाव को लेकर अब सभी तरह के निर्णय नगर विकास विभाग की तरफ से लिये जायेंगे. राज्य निर्वाचन से मामले में राय मांगी जायेगी. अगर निर्वाचन आयोग किसी तरह की राय नहीं देता है तो यह माना जायेगा कि आयोग को विभाग के फैसले से कोई आपत्ति नहीं है.
  • झारखंड नगरपालिका के किसी जनप्रतिनिधि के अनुशासन से जुड़े मामले का अब विभाग की तरफ से निबटारा किया जायेगा. ऐसे मामले आने पर नगर विकास विभाग के सचिव को शिकायत की जा सकती है. किसी भी जनप्रतिनिधि के बारे अगर कोई शिकायत हो तो लिखित रूप से शिकायत कर सकते हैं. विभाग शिकायत की समीक्षा कर मुख्यमंत्री कार्यालय को सूचना देगा. मुख्यमंत्री अगर विभाग के मंत्री हैं तो वो किसी दूसरे मंत्री को जांच और फैसले की जिम्मेदारी दे सकते हैं.
  • झारखंड राज्य के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन कार्यरत चिकित्सकों (शैक्षणिक, गैर-शैक्षणिक एवं दंत चिकित्सक संवर्ग) को गतिशील सुनिश्चित वृति उन्नयन योजना (Dynemic Assured Career Progression) की स्वीकृति के लिए वांछित अहर्ता विलंब से प्राप्त करने की स्थिति में DACP की अनुमान्यता की स्वीकृति दी गयी.
  • The Taxation and Other Laws (Relaxation of Certain Provisions) Ordinance, 2020 द्वारा केंद्रीय माल और सेवा कर अधिनियम 2017 में किये गये संशोधनों के आलोक में झारखंड माल और सेवा कर अधिनियम 2017 में तथ संबंधी संशोधनों हेतु प्रस्तावित झारखंड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (Relaxation of Certain Provisions) Ordinance, 2020 को स्वीकृति दी गयी.
  • झारखंड मोटर वाहन करारोपण (संशोधन) अध्यादेश 2020 के प्रारूप की स्वीकृति दी गयी. इस अध्यादेश को छह महीने के अंदर विधानसभा से स्वीकृति नहीं मिलने से दोबारा फिर से मंत्रिपरिषद से अध्यादेश की स्वीकृति मिली.
  • ग्रामीण विकास विभाग (ग्रामीण कार्य मामले) द्वारा RIDF-XXV के तहत 101 ग्रामीण सड़क पर योजनाओं के लिए राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से 17446.49 लाख रुपये के ऋण आहरण की स्वीकृति दी गयी.
  • क्षतिपूरक वनरोपण हेतु सरकारी/भूमि गैरमजरूआ (जंगल झाड़ी, जंगल-सुखवा, जंगल इत्यादि) सहित के सशुल्क स्थायी हस्तांतरण से संबंधित सभी मामलों के निस्तारण की शक्ति अब डीसी नहीं बल्कि विभाग की तरफ से की जायेगी.
  • रामगढ़ जिला अंतर्गत अंचल मांडू के मौजा बोन्गाहारा के 2.96 एकड़ जीएम लैंड को 75,97,170 रुपये में सीवीएम के विकास दोहन के लिए और गैस उत्पादन प्रणाली एवं संरचना के विकास के लिए वायल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) के साथ 30 वर्षों के लिए नवीकरण विकल्प के साथ सशुल्क लीज बंदोबस्ती की स्वीकृति दी गयी.

इसे भी पढ़ें – 15 अगस्त को लांच होगा झारखंड का लोगो, पलाश का फूल, हाथी और झारखंडी कला-संस्कृति की झलक

adv
advt
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button