न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सेंसेक्स 150 अंक से अधिक लुढ़का, रुपया नौ पैसे गिरा

557

Mumbai : अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापार वार्ता का परिणाम निकलने की उम्मीद धूमिल होने के कारण निवेशकों के सतर्कता बरतने से बुधवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 150 अंक से अधिक टूट गया.

कारोबारियों ने कहा कि अमेरिका के फेडरल रिजर्व की बैठक के निष्कर्षों की घोषणा से पहले निवेशक बाजार से दूर रहे. बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 155.94 अंक यानी 0.42 प्रतिशत गिरकर 37,241.30 अंक पर चल रहा था. एनएसई का निफ्टी भी 43.25 अंक यानी 0.39 प्रतिशत गिरकर 11,042.15 अंक पर चल रहा था.

इससे पहले मंगलवार को सेंसेक्स में 289.13 अंक यानी 0.77 प्रतिशत और निफ्टी में 103.80 अंक यानी 0.93 प्रतिशत की गिरावट में रहा था.

इसे भी पढ़ें- कैफे कॉफी डे के मालिक सिद्धार्थ का शव मिलने के बाद 20% गिरा CCD का शेयर

क्यों पड़ा बाजार पर असर

कारोबारियों ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच तनाव फिर से बढ़ जाने और विदेशी निवेशकों की जारी बिकवाली से बाजार की धारणा पर असर पड़ा. शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने 644.59 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की.

एशियाई बाजारों में जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट, हांग कांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी कारोबार के दौरान गिरावट में चल रहे थे. मंगलवार को अमेरिका वाल स्ट्रीट में भी गिरावट रही थी.

इसे भी पढ़ें- BSNL, MTNL को बचाने की कोशिश में विलय की तैयारी, मोदी कैबिनेट करेगी अंतिम फैसला

शुरुआती कारोबार में रुपया नौ पैसे गिरा

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों तथा विदेशी निवेशकों की जारी बिकवाली से बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया नौ पैसे गिरकर 68.94 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया. रुपया मंगलवार को 68.85 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

कारोबारियों ने कहा कि निवेशकों की निगाहें फेडरल ओपन मार्केट कमिटी के निष्कर्षों पर लगी हुई हैं. इस कारण बाजार सीमित दायरे में रहा. प्राथमिक आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने 644.59 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की. इस बीच कच्चा तेल 0.87 प्रतिशत मजबूती में 65.28 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
झारखंड की बदहाली के जिम्मेदार कौन ? भाजपा, झामुमो या कांग्रेस ? अपने विचार लिखें —
झारखंड पांच साल से भाजपा की सरकार है. रघुवर दास मुख्यमंत्री हैं. वह हर रोज चुनावी सभा में लोगों से कह रहें हैं: झामुमो-कांग्रेस बताये, राज्य का विकास क्यों नहीं हुआ ?
झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन कह रहें हैं: 19 साल में 16 साल भाजपा सत्ता में रही. फिर भी राज्य का विकास क्यों नहीं हुआ ?
लिखने के लिये क्लिक करें.

you're currently offline

%d bloggers like this: