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सेंसेक्स 185 अंक मजबूत, रुपया 23 पैसे की सुधार के साथ सबसे निचले स्तर से ऊपर आया

Mumbai : खुदरा मुद्रास्फीति में सकारात्मक रुख के चलते शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 185 अंक का सुधार देखा गया. घरेलू संस्थागत निवेशकों की लिवाली से यह 37,829.83 अंक पर खुला है. हालांकि एशियाई बाजारों का रुख मिश्रित रहा. इसके अलावा टाटा स्टील जैसी ब्लूचिप कंपनियों के बेहतर परिणामों ने भी बाजार को समर्थन दिया. बंबई शेयर बाजार का 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 184.93 अंक यानी 0.49% सुधरकर 37,829.83 अंक पर खुला.

11,392 अंक पर खुला निफ्टी

गौरतलब है कि सोमवार को सेंसेक्स में 379.47 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी. इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 36.25 अंक यानी 0.31% की बढ़त के साथ 11,392 अंक पर खुला है. ब्रोकरों के अनुसार मुद्रास्फीति के नवीनतम आंकड़ों से घरेलू अर्थव्यवस्था में सुधार की संभावना जगी है जिससे बाजार में धारणा मजबूत रही. संभावना है कि पांच अक्तूबर को आने वाली अगली मौद्रिक समीक्षा में भारतीय रिजर्व बैंक नीतिगत ब्याज दरों को ना बढ़ाएं. जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति 4.17% रही है जो पिछले नौ महीने का निम्न स्तर है. प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार कल घरेलू संस्थागत निवेशकों ने कल 216.29 करोड़ रुपये की शेयर खरीद की जबकि विदेशी निवेशकों ने 971.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. टाटा स्टील का शुद्ध मुनाफा अप्रैल-जून अवधि में दोगुना बढ़कर 1,933.80 करोड़ रुपये रहा है.

रुपया में 23 पैसे सुधरा, सबसे निचले स्तर से ऊपर आया

शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया मंगलवार को 23 पैसे सुधरकर 69.68 पर खुला और इस तरह वह अपने सर्वकालिक निम्नस्तर 69.91 से ऊपर आया. सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 1.57% गिरकर 69.91 के स्तर पर पहुंच गया था जो उसका सर्वकालिक निम्न स्तर था. इसकी प्रमुख वजह तुर्की मुद्रा को लेकर बनी चिंताएं है जिससे वैश्विक आर्थिक संकट आने का डर है. मंगलवार सुबह में कुछ वृहद आर्थिक आंकड़ों में राहत के रुझान दिखने के बाद घरेलू मुद्रा में सुधार देखा गया है.

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शेयर बाजारों की अच्छी शुरुआत से रुपया को मिला समर्थन

इसके अलावा शेयर बाजारों की अच्छी शुरुआत से भी रुपया को समर्थन मिला है. हालांकि अन्य विदेशी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती से रुपया में यह सुधार थम गया. मुद्रा कारोबारियों के अनुसार खुदरा मुद्रास्फीति के नवीनतम आंकड़ों से घरेलू अर्थव्यवस्था में सुधार की संभावना जगी है जिससे रुपया में यह सुधार देखा गया है. संभावना है कि अगली मौद्रिक समीक्षा में भारतीय रिजर्व बैंक नीतिगत ब्याज दरों को ना बढ़ाएं. जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति 4.17% रही है जो पिछले नौ महीने का निम्न स्तर है.

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