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 दो साल से रांची यूनिवर्सिटी में सीनेट की बैठक नहीं हुई,  नियमानुसार प्रत्येक छह माह में होनी चाहिए बैठक

इस संबध में सीनेट सदस्यों की ओर से कई बार कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन इसके बावजूद यूनिवर्सिटी की ओर से बैठक नहीं बुलाई गयी.

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Ranchi :  पिछले दो साल से रांची यूनिवर्सिटी ने सीनेट की बैठक नहीं बुलाई है. जिससे सीनेट सदस्यों में काफी आक्रोश है. इस संबध में सीनेट सदस्यों की ओर से कई बार कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन इसके बावजूद यूनिवर्सिटी की ओर से बैठक नहीं बुलाई गयी. सूत्रों से जानकारी मिली कि पिछले दो सालों में कभी भी सीनेट की बैठक के लिए तारीख नहीं निकाली गयी.  ऐसे में यूनिवर्सिटी की ओर से सभी महत्वपूर्ण निर्णय अपने स्तर से ही लिये गये. इसमें छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सलाह नहीं ली गयी.  यूनिवर्सिटी की ओर से अपने स्तर से ही सभी निर्णय लिये गये. ऐसे में यूनिवर्सिटी की लापरवाही और सुस्त रवैये से सीनेट सदस्यों और छात्रों की परेशानी बढ़ गयी है.

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महत्वपूर्ण निर्णयों का सीनेट से पास होना जरूरी

सीनेट की बैठक  किसी भी यूनिवर्सिटी के लिए महत्वपूर्ण होती है. क्योंकि सीनेट यूनिवर्सिटी की अपर कमांडिंग बॉडी होती है. नियमानुसार यूनिवर्सिटी की ओर से कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सीनेट में पास किये बिना लागू नहीं किया जा सकता. लेकिन पिछले दो सालों को देखा जाये तो यूनिवर्सिटी ने कई महत्वपूर्ण फैसले सिंडिकेट की बैठक में ही पास करा लिये. जबकि सिंडिकेट का चुनाव भी पिछले ढाई साल से नहीं किया गया है. ऐसे जो सदस्य पूर्व से चयनित हैं वे ही सिंडिकेट के कार्यों का वहन कर रहे है. ज्ञात हो कि सीनेट सदस्यों में लगभग सौ लोग है. जिनमें सभी विभागाध्यक्ष, छात्र प्रतिनिधि, कुलाधिपति और सरकार के प्रतिनिधि होते है. जबकि सिंडिकेट सदस्यों में 10-12 लोग होते है.

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साल में दो बार होनी चाहिए सीनेट की बैठक

सीनेट की बैठक नियमानुसार साल में दो बार होनी चाहिए. कम से कम छह माह में एक बैठक होनी चाहिए. इस संबध में सीनेट सदस्य अटल पांडेय से जानकारी मिली कि पूर्व में कुलाधिपति सह राज्यपाल को भी अवगत कराया गया था. तब उन्होंने सीनेट की बैठक नियमित होने की बात की थी. साथ ही कहा था कि यूनिवर्सिटी की ओर से इस तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए. इस पर कार्रवाई की जायेगी. लेकिन इसके बाद भी यूनिवर्सिटी की ओर से सीनेट की बैठक आयोजित नहीं की गयी.

फिर से सौंपा गया ज्ञापन

गुरुवार को सीनेट सदस्य अटल पांडेय ने इस संबध में फिर से कुलपति को ज्ञापन दिया. साथ ही छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के समस्याओं से अवगत कराया. यह जानकारी देते हुए पांडेय ने कहा कि सीनेट की बैठक नहीं होने से यूनिवर्सिटी का सिस्टम ध्वस्त हो रहा है. छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की आवाज और उनके हक की बात नहीं हो पा रही है. विश्वविद्यालय का बजट भी तय नहीं है.

जुलाई तक बैठक आयोजित करने का आश्वासन

कुलपति  डॉ रमेश पांडेय ने इस दौरान कहा कि इस संबध में पत्र कुलसचिव को फॉरवर्ड किया जायेगा. स ंसबंध में आश्वासन देते हुए जानकारी दी गयी कि जुलाई तक बैठक आयोजित की जायेगी. ज्ञात हो कि सीनेट बैठक आयोजित करने से 45 दिन पहले सूचित किया जाता है.

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