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बीजेपी के वरिष्ठ नेता की मांगः शाह की जगह शिवराज को मिले पार्टी की कमान, गडकरी हों डिप्टी पीएम

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New Delhi: तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद बीजेपी की सहयोगी ही नहीं, पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी खफा है. और अब वो पार्टी नेतृत्व में बदलाव की नसीहत भी दे रहे हैं. पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक और दलित नेता संघप्रिय गौतम का मानना है कि अगर 2019 में पार्टी को सत्ताै में वापसी करनी है तो उसे नेताओं के कामकाज में परिवर्तन करना होगा. उन्होंने योगी आदित्यनाथ को हटाकर राजनाथ सिंह को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री, शिवराज सिंह चौहान को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष और नितिन गडकरी को उप-प्रधानमंत्री बनाने का सुझाव दिया है.

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गौरतलब है कि इससे पहले नितिन गडकरी पांच राज्यों में मिली हार के बाद कहा था कि अगर पार्टी नेतृत्व जीत का श्रेय लेता है तो उसे हार की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए.

शिवराज को मिले पार्टी की कमान

संघप्रिय गौतम ने रविवार को कहा कि पार्टी को अगर बचाना है और 2019 में मोदी को दोबारा से पीएम बनाना है तो सरकार और संगठन में बदलाव जरूरी है. उनका मानना है कि बदलाव से ही निराश पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह और विश्वास का संचार होगा.

इस संबंध में संघप्रिय गौतम ने पार्टी आलाकमान को एक पत्र भी लिखा है. हालांकि, उन्होंहने कहा कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्योक्तिेत्वी और कद ऊंचा हुआ है. और उनकी नीतियों के कारण देश का नाम दुनिया में ऊंचा हुआ है. साथ ही संगठन के विस्ताेर में भी सहायता मिली है. लेकिन बावजूद इसके अगर अगले लोकसभा चुनाव में बीजेपी को जीत का स्वाहद चखना है तो पार्टी में बड़े बदलाव की जरूरत होगी.

गिनवाये हार के कारण

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अधीर रंजन चौधरी के साथ-साथ केरल के नेता के सुरेश, पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी और तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर इस पद के लिए दौड़ में शामिल थे.

पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री संघप्रिय गौतम ने बीजेपी और सरकार की लोकप्रियता का ग्राफ गिरने के कारण भी गिनवाये हैं. उनका कहना है कि संविधान को बदलने की बात करना, संविधान से छेड़छाड़ करना, योजना आयोग को नीति आयोग में बदलना, सुप्रीम कोर्ट, आरबीआई, सीबीआई आदि संवैधानिक संगठनों में दखलअंदाजी, आर्थिक क्षेत्र में लिए निर्णयों ने प्रतिकूल असर डाला है.

साथ ही कहा, बीजेपी काला धन वापस लाने, महंगाई खत्म करने, भ्रष्टाचार दूर करने के वादे के साथ सत्ता में आई थी. लेकिन ये तीनों वादे पूरे नहीं हुए. जबकि इसके विपरीत पीएनबी घोटाला और राफेल के आरोप लगे.

पार्टी नेतृत्व को लेनी चाहिए हार की जिम्मेदारी

13 दिसम्बर को पार्टी के नाम लिखे खुले पत्र में उन्होंने कहा, पांच राज्यों के चुनावी नतीजे बताते है कि शाह और मोदी का मैजिक निष्प्रभाव हो गया है. और हार की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष को खुद लेनी चाहिए.
गौतम ने सरकार और संगठन में बदलाव का सुझाव देते हुए योगी आदित्यनाथ को हटाकर राजनाथ सिंह को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री, शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष और नितिन गडकरी को उप-प्रधानमंत्री बनाने की सलाह दी है.

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