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किसानों की नाराजगी देख मजबूरी में अकाली दल ने एनडीए से तोड़ा नाता: सुखदेव ढींढसा

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Chandigarh:  शिरोमणि अकाली दल के बागी नेता सुखदेव सिंह ढींढसा ने NDA से अलग होने को लेकर अकाली दल पर निशाना साधा है. बागी नेता सुखदेव सिंह ढींढसा ने रविवार को कहा कि शिअद ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से नाता मजबूरी में तोड़ा क्योंकि कृषि विधेयकों को लेकर किसान इस पार्टी से नाराज हो गये थे.

उल्लेखनीय है कि कृषि विधेयक को लेकर शिअद ने शनिवार को राजग से अलग होने की घोषणा की. बता दें कि गत कुछ सालों में शिअद तीसरी पार्टी है जिसने भाजपा नीत एनडीए से नाता तोड़ा है.

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शुरुआत में बिल का समर्थन क्यों किया- ढींढसा

राज्यसभा सदस्य ढींढसा ने कहा, ‘अकाली दल ने यह मजबूरी में किया क्योंकि किसान उनसे नाराज है.’ उन्होंने कहा कि शुरुआत में शिअद ने विधेयकों का समर्थन किया था और यहां तक कि पार्टी के वयोवृद्ध नेता प्रकाश सिंह बादल ने भी इसके समर्थन में बोला था.

असंतुष्ट अकाली नेता ने कहा, ‘पार्टी ने यह कहकर यू टर्न ले लिया कि यह किसानों के हित में नहीं है. क्या ये विधेयक शुरुआत में किसानों के लिए खराब नहीं थे?’ उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल राज्य में जमीनी समर्थन खो चुके हैं.

पूर्व में शिअद (लोकतांत्रिक) पार्टी बनाने वाले ढींढसा ने कहा कि उनकी राजनीतिक पार्टी शुरू से ही इस मुद्दे पर किसानों का समर्थन कर रही है. उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआइ से कहा, ‘पहले दिन से हम किसानों का समर्थन कर रहे हैं और उनके साथ खड़े हैं. हमारी पार्टी चाहती है कि इस मुद्दे का यथा शीघ्र समाधान हो.’

उल्लेखनीय है कि इस साल फरवरी में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में सुखदेव सिंह ढींढसा, उनके बेटे और राज्य के पूर्व वित्तमंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा को शिअद से बर्खास्त कर दिया गया था.

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