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देखें वीडियो: कैसे पारा शिक्षक नेता को खोजने गयी पुलिस ने की रिश्तेदार डॉक्टर को हिरासत में लेने की कोशिश, विरोध

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Hazaribagh: झारखंड राज्य के 18 वीं स्थापना दिवस के पूर्व पारा शिक्षकों के संभावित विरोध को लेकर एसडीओ के आदेश पर हजारीबाग पारा शिक्षक संघ के अध्यक्ष चंदन मेहता को नोटिस तामिला कराने के बहाने उसके रिश्तेदार के घर लोहसिंघना थाना प्रभारी अशोक कुमार व सहयोगियों के द्वारा दुर्व्यवहार का एक मामला सामने आया है. लोहसिंघना थाना के थाना प्रभारी अशोक कुमार पर मंडई रोड पगमिल निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक राधेश्याम मेहता ने हजारीबाग एसपी को लिखित शिकायत देकर उनके ऊपर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

क्या लिखा है एसपी को दिये आवेदन में

सेवानिवृत्त शिक्षक राधेश्याम एसपी को दिये आवेदन में कहा है कि 14 नवम्बर को दोपहर करीब एक बजे सादे वेष में कुछ लोग आये और कहा कि हजारीबाग पारा शिक्षक संघ के अध्यक्ष चंदन मेहता को तलाश करते हुए कहा कि‍ चंदन मेहता को 107 का नोटिस देना है. इसपर सेवानिवृत्त शिक्षक राधेश्याम मेहता ने कहा कि  चंदन मेहता मेरे घर में नहीं है. घर में नहीं होने की बात कहने पर जबरन सभी लोग उनके घर मे घुस गये. छठ पूजा होने के कारण घर में काफी मेहमान थे. जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक थी. छठ पूजा की थकान के कारण महिलाएं कमरे बंद कर आराम कर रही थीं. पुलिस वालों ने दरवाजा पीटना चालू कर दिया. विरोध करने पर थानेदार द्वारा पिस्टल का भय दिखाकर घर के सभी कमरे, अलमीरा, पलंग आदि की तलाशी लेने लगे, इस दौरान महिलाओं के साथ अभद्रता करते हुए उन्हें खींच कर उठा दिया, गलत मंशा से धक्का-मुक्की भी की. विरोध न हो इसके लिए किसी को घर से बाहर नहीं जाने दिया और न किसी को फोन कर कहीं बात करने दिया.

सेवानिवृत्त शिक्षक राधेश्याम ने कही पुत्र के अपहरण की हुई कोशिश

सेवानिवृत्त शिक्षक राधेश्याम ने थाना प्रभारी अशोक कुमार पर आरोप लगाया कि जब पूरे घर की तलाशी लेने के बाद उन्हें चंदन नहीं मिला तो उन्होंने मेरे चिकित्सक पुत्र डॉक्टर अनिरुद्ध कुमार को जबरन अपहरण कर ले जाने लगे. विरोध करने पर पिस्टल भी तान दी. घर से बाहर निकलने पर पुन: हिम्मत कर चिकित्सक के अपहरण का विरोध किया तो थानेदार ने सभी को एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा के यहां चलने को कहा. सड़क पर ही कपड़ा पहनकर मेरे साथ सभी परिवार के लोग अपने वाहन से दोपहर दो बजे एसडीपीओ कार्यालय पहुंचे और थानेदार की करतूत से एसडीपीओ को अवगत कराया. सभी की बातें सुनकर एसडीपीओ ने खेद प्रकट करते हुए चंदन की जानकारी होने पर एसडीपीओ कार्यालय में सूचित करने को बोलकर हमें का जाने कहा.

थानेदार ने एफआइआर में क्‍या लिखा

शिक्षक राधेश्याम ने कहा कि हमें बाद में जानकारी हुई कि थानेदार अशोक कुमार ने मेरे पूरे परिवार पर सरकारी काम मे बाधा डालने, हरवे-हथियार से लैस होकर पुलिस पर हमला कर अभियुक्त को भगाने का आरोप लगाकर लोहसिंघना थाना कांड संख्या 111/18 का मामला दर्ज किया है. उन्‍होंने साक्ष्य स्वरूप पत्र के साथ पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी दिया है.
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शिक्षक राधे श्याम ने एसपी, डीआईजी, डीजीपी को दिये पत्र में यह कहा गया है कि नोटिस तामिला कराने के बहाने थानेदार व सहयोगियों द्वारा आपराधिक साजिश, पद का दुरूपयोग करते हुए जबरन मेरे घर में घुसकर अभद्रता-बदसुलूकी, मेरे चिकित्सक पुत्र के अपहरण का प्रयास जैसे कुकर्मों पर पर्दा डालने की साजिश कर थानेदार अशोक कुमार द्वारा मेरे व मेरे परिवार पर झूठा मुकदमा किया गया है.

लोहसिंघना थानेदार ने एसडीओ कार्यालय से प्राप्त वाद संख्या 1155/18 राज्य सरकार बनाम चंदन मेहता को नोटिस तामिला कराने के दौरान चंदन के रिश्तेदारों द्वारा पुलिस पर हमला, मारपीट कर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए लोहसिंघना थाना में कांड संख्या 111/18 दर्ज करने के बाद खुद सवालों में घिर गये हैं.

लोहसिंघना थाना में खुद सूचक बनकर जो रिपोर्ट लिखवायी है उसमें थानेदार ने लिखा है कि एसडीओ कार्यालय से प्राप्त वाद के नोटिस तामिला करने हेतु चंदन के घर गये. वहां उन्हें पता चला कि चंदन पारा शिक्षकों को एकत्रित कर राज्य स्थापना दिवस समारोह में सरकार को काला झंडा दिखाने, तोड़फोड़ कर आगजनी कर संज्ञेय अपराध करने की योजना बना रहे हैं. इस बात की पुष्टि स्थानीय ग्रामीणों से भी होने की जानकारी देते हुए वो चंदन के घर पहुंच गये. जहां उनके परिजनों ने पुलिस के साथ बदसुलूकी, गाली-गलौज, हरवे-हथियार से हमला कर दिया. जिससे चंदन घर की छत से कूदकर भाग गया.

वीडियो से मेल नहीं खा रहीं थानेदार की बातें, उठ रहे कई सवाल

अब थानेदार की लिखी बातों से ही सवाल उठता है कि जब चंदन को नोटिस तामिला कराने गये थानेदार चंदन के घर जाने की जगह चंदन के रिश्तेदार के घर क्यों पहुंच गये?

जब थानेदार को यह सूचना मिली कि चंदन अन्य पारा शिक्षकों के साथ मिलकर राज्य स्थापना दिवस में हंगामा करने की योजना बना रहे हैं तो उस समय वह उस घर मे क्या कर रहे थे. (जैसा कि थानेदार ने लिखा है कि चंदन उस घर से भाग गया) उसके साथ अन्य पारा शिक्षकों को होना चाहिए था या दारोगा झूठ बोल रहे हैं कि चंदन उस घर में मौजूद थे.

जब मात्र नोटिस तामिला कराने की बात थी तो उनके घर में घुसकर तलाशी लेने की क्या जरूरत थी. जबकि वह चंदन का घर भी नहीं था.

नोटिस तामिला का विरोध उसके रिश्तेदार क्यों करेंगे और पुलिस पर हमला करने का कोई ठोस औचित्य भी नहीं बनता है.

शिक्षक राधे श्याम मेहता खुद कह रहे हैं कि घटना के बाद करीब दो बजे वो खुद अपने परिवार के साथ एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा से मिलने उनके कार्यालय गये और सारी बात बतायी.

इसके अलावे वो एसपी को लिखे आवेदन में एक सीडी सौंपी हैं जिसमें स्पष्ट दिख रहा है कि सादी वर्दी में पुलिस वाले उनके चिकित्सक पुत्र डॉ अनिरुद्ध को हाथ पकड़कर खींच कर अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रहे हैं जिसका विरोध कर सिर्फ कहा जा रहा है कि मेरा हाथ छोड़िये हम कोई अपराधी नहीं हैं. इस दौरान शिक्षक सड़क पर ही घर से मंगवाकर अपना कपड़ा पहनते हुए दिख रहे हैं और घरेलू लिबास में कुछ महिलायें भी दिख रही हैं. इस दौरान किसी के हाथ में कोई हथियार नहीं दिख रहा है.

साथ ही दोपहर दो बजे लगभग एसडीपीओ से उनके कार्यालय में अपनी बात रखते हुए भी वीडियो सलंग्न कर एसपी सहित वरीय अधिकारियों को दिया गया है.

जबकि थानेदार इसी दिन 3:30 के समय में चिकित्सक, शिक्षक परिवार पर चार नामजद सहित आठ-दस महिलाओं पर जो मुकदमा दर्ज किया है. उसमें शिक्षक के दावे और सबूत कहीं से भी दारोगा के बयान से मेल खाते नहीं दिख रहा है.

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