OFFBEATOpinion

देखिए, कैसे प्रोगाम्ड रोबोट में तब्दील हो रहे हैं हम-आप !

  • Vinay Bharat

18+ के लिए वैक्सीन आयी. वेबसाइट क्रैश कर गयी. चलिए वैक्सीन की बात समझ में आती है.

e-pass की बात आई. वेबसाइट क्रैश कर गयी.

आपको कुछ भी इंस्ट्रक्शन मिल रहा , आप दौड़ जा रहे. बिना ग्रे -सेल का उपयोग किए. आप पूछ भी नहीं रहे सरकार से कि अब e pass की क्या जरूरत है ?

ऐसा क्यों हो रहा है कि हर इंस्ट्रक्शन को,  हर टास्क को बगैर सोचे पूरा करने पे आमादा हैं ?

advt

आइये देखते हैं.

आर्मी में अफसर और खासकर रंगरूट के पदों पर नियुक्ति कभी भी ऐसे बन्दे की नहीं होती ,जो तार्किक हो. पूरे विश्व का यही पैटर्न है.

कारण ?

उन्हें दरअसल तार्किक मानव के बजाए एक प्रोग्राम्ड मानव (रोबोट ) चाहिए.

इसलिए आर्मी में परेड कराया जाता है.

“परेड , लेफ्ट से आगे बढ़ेगा, बढ़ ! ” यह कमांड आते ही सारे लेफ्ट पैर उठाते हुए आगे बढ़ने लगते हैं .

कोई रंगरूट यह नहीं पूछता कि लेफ्ट पहले क्यों , राइट से आगे क्यों नहीं बढ़ें.

फिर बोला जाता है , थंब ! परेड रुक जाता है. कोई रंगरूट यह नहीं पूछता कि अभी चलने में मौज आ रहा था. क्यों रुकें.

फिर सालों भर तख्ती वाले इंसान के कट आउट के सामने कहा जाता है , शूट. वो शूट करता है.

कोई रंगरूट यह नहीं पूछता कि इन लकड़ी के तख्तियों पे क्यों शूट करें.

एक दिन उसे ही लड़ाई के मैदान में ले जाया जाता है ,और कहा जाता है कि – “शूट”. रंगरूट शूट करता है .

कोई रंगरूट यह नहीं पूछता कि सामने वाले कि क्या गलती है ? क्योंकि अब तक वो प्रोग्राम्ड हो चुका होता है.

हम सभी लोगों को भी ऑर्डर कमांड लेने के लिए प्रोग्राम्ड कर दिया गया है. वरना आपके दिमाग में बैठा दिया गया है कि आप अगर कमांड नहीं लेते तो आप देशभक्त नहीं हैं.

हालांकि आपको टास्क तो पिछले कई साल से मिलने शुरू हो गए थे. पर फिलहाल हाल – फिलहाल से देखते हैं.

आपको कोरोना के बाद से रोज कमांड दिया जा रहा.

परेड घर के अंदर रहेगा, रह !

परेड 8 बजे रात के बाद बाहर नहीं निकलेगा, थंब !

( 8 के पहले कोरोना नहीं फैलेगा )

परेड मुंह पे पट्टी बांधेगा ,बांध !

( कमांडर खुद पट्टी नहीं बांधेगा )

परेड गोल घेरे में रहकर सामान खरीदेगा, गोल घेरे में रह !

( घेरे के चूना को छू ले तो गेले )

परेड ,65 के ऊपर वैक्सीन 1 लेगा , ले !

(बाकियों को तब तक कोरोनवा नहीं दबोचेगा )

परेड 65 के ऊपर वैक्सीन 2 लेगा, ले !

बाकी घर में रहेगा, घर में रह !

परेड 45 के ऊपर वैक्सीन लेगा, ले !

परेड 45 के ऊपर वैक्सीन 2 लेगा, ले!

( बाकियों को तब तक कोरोनवा नहीं दबोचेगा )

बाकी घर में रहेगा , घर में रह !

परेड 18 के ऊपर वैक्सीन लेगा ले !

बाकी घर में रहेगा ,रह !

( बाकियों को तब तक कोरोनवा नहीं दबोचेगा )

परेड स्कूल वन्द रहेगा, बन्द रख !

चुनाव चालू रहेगा, चालू रह !!

परेड दारू पियेगा , दारू पी !

परेड सिनेमा हॉल खुलेगा , सिनमा देख !

परेड बच्चों का पार्क बन्द रहेगा, बन्द रख !

परेड 2 गज की दूरी पे रहेगा, रह !

परेड , कुम्भ में सट -सट के नहायेगा,सट – सट के नहा !!

ट्रेन बन्द रहेगा , बन्द !

फ्लाइट बन्द रहेगा, बन्द !

परेड दो मास्क पहनेगा ,दो मास्क पहन !

परेड , घाट पे 10 लोग जाएगा , जा !

( 11 जाने से कोरोना हो जाएगा )

परेड ,शादी में 11 जाएगा ,11 ही जा !

( 12जाने से कोरोना हो जाएगा)

परेड, रात के 10 बजे बाद NO DJ , DJ बन्द !

( उसके पहले नाचने से नहीं होगा )

परेड , e मास्क लेगा, e मास्क ले !

ये ऊपर के इंस्ट्रक्शन तो महज कुछ नमूने हैं.

भाई, मैं भी मान रहा कोरोना बीमारी है. तो guidelines में uniformity रखो न. रोज guidelines आप दरअसल कोरोना से निपटने के लिए नहीं, जनता को निपटाने के लिए बदल रहे !

तो आप समझ रहे हैं न ,क्या हो रहा है ?

Chill कर भाई.

तुम कितना भी फड़फड़ाओ, मरना इस देश की नियति है. तुम्हें अभी भी इत्ते लाशों के बीच समझ नहीं आया. क्या तुम्हें लगता है अपने दड़बों पे पड़े पड़े तुम जी रहे हो ?

मरने के आखिर दिन तक ईश्वर ने जो दिमाग दिया है , जो पशु होने से हमें अलग करती है, उसे खोल के रख लो. तो जीवन सार्थक हो गया !

(लेखक रांची के एक विश्वविद्यालय में व्याख्याता हैं।)

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: