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सचिव ने नगर आयुक्त को कहा- एस्सेल इंफ्रा को टर्मिनेट करने में सक्षम है रांची नगर निगम

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RANCHI : रांची नगर निगम अंतर्गत सफाई कार्य कर रही रांची एमएसडब्ल्यू (रांची नगर निगम और एस्सेल इंफ्रा का ज्वाइंट वेंचर) को टर्मिनेट करने का अधिकार निगम को दिया गया है. नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह इसके लिए नगर आयुक्त मनोज कुमार को एक पत्र लिखा है.

जिसमें उन्होंने कहा है कि कंपनी के साथ एकरारनामा निगम ने किया है. ऐसे में उसे टर्मिनेट करने में निगम ही पूरी तरह से सक्षम है. टर्मिनेट करने के साथ ही सचिव ने संपूर्ण शहरी क्षेत्र में साफ-सफाई करने की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश नगर आयुक्त को अपने पत्र में दिया है.

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मेयर ने कहा था कि टर्मिनेट करने से पहले लेनी होगी मंजूरी

सफाई कार्य में कंपनी द्वारा की जा रही लापरवाही और कई पार्षदों के विरोध को देखते हुए गत 9 मार्च को आयोजित निगम बोर्ड की बैठक में ही मेयर आशा लकड़ा ने कंपनी को टर्मिनेट करने की मंजूरी दी थी. हालांकि उन्होंने कहा था कि इसके लिए पहले नगर विकास विभाग से मंजूरी लेनी होगी.

मेयर ने 7 दिनों के अंदर ही विभाग से मंजूरी लेने की बात कही थी, लेकिन लोकसभा चुनाव आचार संहिता लगने के कारण इसपर कोई विशेष निर्णय नहीं लिया जा सका. राजधानी में 6 मई को हुए मतदान के बाद 13 मई को कंपनी को टर्मिनेट करने के लिए नगर आयुक्त ने विभागीय सचिव को पत्र लिखा था. पत्र के संझान में ही सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम – 2016 के तहत कंपनी को टर्मिनेट करने में निगम पूरी तरह से सक्षम है.

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संशोधित डीपीआर बनाकर करना होगा बचा काम

सचिव ने कहा है कि शहर की सफाई व्यवस्था और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना पर कार्यरत आरएमएसडब्लू के साथ रांची नगर निगम द्वारा ही एकरारनामा किया गया है. ऐसे में एकरारनामा में निहित प्रावधानों के अनुसार निगम विहित प्रकिया अपनाते हुए सभी तरह के एकरारनामा को तोड़ने में सक्षम है.

एकरारनामा निरस्त होने के उपरांत संपूर्ण शहरी क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अपने स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाते हुए निगम को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम – 2016 के प्रावधानों के अनुरूप कार्य करना होगा.

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में अभी तक किये गये कार्यों और शेष प्रस्तावित कार्यों का आकलन करते हुए एक संशोधित डीपीआर बनाने का आदेश भी सचिव ने निगम को दिया है. डीपीआर बनाने के लिए निगम एक कंसल्टेंट चयन करेगा. उस कंसल्टेंट से समन्वय स्थापित कर बाकी बचे काम को निगम को जल्द पूरा करने की भी बात कही गयी है.

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