न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

न्यूज विंग से बोले डीवीसी के सचिव : रघुनाथपुर से 200 मेगावाट बिजली खरीदेगा बंगाल

एलसी पेमेंट के तहत प्रत्येक माह 184 करोड़ का डीवीसी को भुगतान करेगी जेबीवीएनएल

125

Sanjay  

Bermo (Bokaro) :  पब्लिक सेक्टर के संस्थान डीवीसी के रघुनाथपुर स्थित 1000 मेगावाट के पावर प्लांट से पश्चिम बंगाल सरकार को 200 मेगावाट की बिजली सप्लाई की जायेगी. डीवीसी के सदस्य सचिव डॉ पीके मुखोपाध्याय ने न्यूज विंग से कोलकाता में बातचीत के क्रम में उक्त जानकारी दी. सदस्य सचिव ने कहा कि बिजली की सप्लाई को लेकर करार 7 मार्च 2019 से प्रभावी हो जायेगा, जो कि तीन वर्षों के लिए होगा. बिजली सप्लाई के करार को समय रहते बढ़ाया भी जा सकता है. उन्होने कहा कि रघुनाथपुर पावर प्लांट के लिए रेल कॉरिडोर का निर्माण 30 जून 2019 तक पूरा कर लिया जाएगा.

डीवीसी का जेबीवीएनएल के पास 39 सौ करोड़ रुपया बकाया

hosp1

झारंखड सरकार के पास डीवीसी के बिजली बिल के मद का बकाया राशि के संबंध में सदस्य सचिव ने कहा कि डीवीसी का जेबीवीएनएल के पास बकाया राशि 39 सौ करोड़ रुपया है. कहा कि जेबीवीएनएल के साथ डीवीसी का बिजली पेमेंट को लेकर एलसी मेथड के तहत करार हुआ है, जिसके तहत डीवीसी को प्रत्येक माह बिजली मद के एवज में 184 करोड़ रुपये का बैंक के तहत अकाउंट में भुगतान कर दिया जाएगा. बोकारो के गोमिया स्थित लुगू पहाड़ पर डीवीसी के द्वारा प्रस्तावित हाइडल प्रोजेक्ट के संबंध में सदस्य सचिव ने कहा कि डीवीसी के द्वारा डीपीआर को लेकर निविदा करवाने की प्रक्रिया चल रही है.

50 मेगावाट का लगेगा सोलर प्लांट

सदस्य सचिव ने कहा कि डीवीसी के द्वारा पंचेत में 50 मेगावाट के सोलर प्लांट को लगाने की प्रक्रिया भी जारी है. इसके तहत पंचेत में डीवीसी सोलर प्लांट लगाने के लिए आनेवाली कंपनियों को जमीन उपलब्ध करवाने का काम करेगी. प्लांट लगाने का काम कंपनी करेगी और प्लांट से उत्पादित 50 मेगावाट की बिजली डीवीसी कंपनी से खरीद लेगी. उन्होंने कहा कि बेरमो माइंस को लेकर डीवीसी और सीसीएल के बीच मसला सुलझ नहीं पाया है. डीवीसी के बोकारो थर्मल एवं चंद्रपुरा के लगभग 1200 सप्लाई मजदूरों के पे रिवीजन के मसले पर सदस्य सचिव ने कहा कि फिलहाल इस मामले पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है. कहा कि फिलहाल डीवीसी के द्वारा किसी भी प्रोजेक्ट में नये पावर प्लांट को लाने की योजना नहीं है.

इसे भी पढ़ें- डी-फ्लोराइडेशन के लिए केंद्र ने दी थी 102 करोड़ 60 लाख की राशि, अब तक नहीं हो पाया टेंडर

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: