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दूसरे दिन भी मंजू वर्मा की संपत्तियों की कुर्की-जब्ती, आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामले में फरार हैं पूर्व मंत्री

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Begusarai: बिहार पुलिस ने सीबीआई द्वारा हथियार कानून के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तारी से भाग रहीं राज्य की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा की संपत्तियां कुर्क करने का काम दूसरे दिन भी चला. शनिवार की करीब 6 घंटे की कार्रवाई के बाद रविवार को अर्जुनटोला गांव में वर्मा की संपत्ति कुर्क करने की कवायद की अगुवाई उपसंभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) सूर्यदेव कुमार ने की. कुमार ने बताया कि पुलिस ने रविवार को 16 संपत्तियां कुर्क कीं जबकि शनिवार को 109 सामान जब्त किए गए.

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दो दिनों में संपत्ति की कुर्की-जब्ती

अदालती आदेश से लैस पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार की अगुवाई वाली टीम ने शनिवार को यहां अर्जुनटोला में वर्मा की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरु की थी. पुलिस ने शनिवार को जब्त सामान की सूची वर्मा के देवर हेमंत वर्मा को सौंपी थी. एसडीपीओ ने कहा, ‘अर्जुनटोला में संपत्ति कुर्क करने का अभियान रविवार को समाप्त हुआ.’ पुलिस ने शनिवार को कुर्की प्रक्रिया के दौरान वर्मा के घर के ग्रिल, दरवाजे, डोरफ्रेम हटा दिये थे. घर के अंदर मौजूद सारा सामान सीपीसी की धाराएं 82 और 83 के तहत शुरु किये गये दो दिवसीय अभियान के दौरान जब्त कर लिया गया.

घर से मिले थे कारतूस

अपने पति चंद्रशेखर वर्मा के मुजफ्फरपुर आश्रय गृह स्कैंडल के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के साथ करीब संबंध की खबरें सामने आने के बाद वर्मा अगस्त में समाज कल्याण मंत्री पद से हट गयी थीं. इस आश्रय गृह में 30 से अधिक लड़कियों के साथ कथित रुप से बलात्कार किया गया था. कुछ दिनों के बाद सीबीआई ने अर्जुनटोला में वर्मा के ससुराल के अलावा पटना में उनके निवास पर छापा मारा था जहां से हथियारों का जखीरा मिला था. तब उनके विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था.

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फरार हैं पूर्व मंत्री

वह अग्रिम जमानत के लिए बेगुसराय की एक अदालत पहुंचीं, लेकिन उनकी अर्जी अदालत ने खारिज कर दी. पटना उच्च न्यायालय से भी उन्हें राहत नहीं मिली. उनके पति ने 29 अक्टूबर को बेगुसराय की एक अदालत में आत्मसमर्पण किया. उच्चतम न्यायालय ने पूर्व मंत्री को नहीं गिरफ्तार कर पाने पर 12 नवंबर को बिहार पुलिस की खिंचाई की थी और पुलिस महानिदेशक को 27 नवंबर तक उनके गिरफ्तार नहीं होने पर पेश होने का निर्देश दिया था.

पुलिस वर्मा को गिरफ्तार करने के लिए बिहार और झारखंड में छापा मार रही है. वह एक महीने से भी अधिक समय से गिरफ्तारी से बचती फिर रही हैं और वह भगोड़ा घोषित की गयी हैं. 15 नवंबर को जनता दल यूनाईटेड ने वर्मा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था. बिहार के पुलिस महानिदेशक के एस द्विवेद्वी ने शुक्रवार को कहा था कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए अथक प्रयास कर रही है.

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हालांकि, मंजू वर्मा के वकील ने कहा कि मंजू देवी ने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत का आवेदन दे रखा है, इसलिए कुर्की का आदेश नहीं जारी किया जाए. लेकिन कोर्ट ने पूर्व मंत्री के वकील की दलील को नकार दिया.

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