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गिरिडीह के DEO कार्यालय में तैयार हुई थी स्किल इंडिया के फर्जी प्रशिक्षक की बहाली की पटकथा

  • पूछताछ के लिए हिरासत में लिये गये प्रधान लिपिक को जेल भेजेगी पुलिस
  • पूर्व में जेल जा चुके ट्रस्ट संचालक से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने लिया था प्रधान लिपिक को हिरासत में

Manoj Kumar Pintu

Giridih: स्किल्ड इंडिया में प्रशिक्षक कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी का सब्जबाग दिखाकर बेरोजगार युवकों को ठगने का सारी पटकथा गिरिडीह के जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में ही तैयार हुई थी. शिक्षा पदाधिकारी के प्रधान लिपिक कौशल किशोर ने इस पूरी पटकथा को एनबीबीएसएस (नेशनल बोर्ड ऑफ स्कॉलरशिप एंड स्किल डेवलपमेंट) ट्रस्ट के गिरफ्तार संचालक मनोज कुमार के साथ तैयार की थी.

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मुफ्फसिल थाना प्रभारी रत्नेश ठाकुर ने गुरुवार को न्यूजविंग को बताया कि डीईओ कार्यालय के प्रधान लिपिक कौशल किशोर से अब भी पूछताछ की जा रही है. थाना प्रभारी ने यह इशारा भी कर दिया कि प्रधान लिपिक का जेल जाना तय है.

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हालांकि थाने में दर्ज धोखाधड़ी केस कांड संख्या 206/20 में प्रधान लिपिक को नामजद अभियुक्त नहीं बनाया गया क्योंकि जिस ट्रस्ट संचालक मनोज कुमार को मुफ्फसिल थाना पुलिस ने रांची से गिरफ्तार किया था उससे पूछताछ में ही पुलिस ने डीईओ कार्यालय के प्रधान लिपिक कौशल किशोर को चार दिन पहले पूछताछ के लिए हिरासत में लिया.

फर्जी बहाली के इस मामले में अब पुलिस शिकायकर्ता उत्तम कुमार को नामजद अभियुक्त बना चुकी है क्योंकि पुलिस अनुसंधान में उत्तम कुमार की भूमिका ठगी के इस कारोबार में महत्पूर्ण बतायी जा रही है.

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उत्तम ने ही युवाओं का संपर्क ट्रस्ट से कराया 

गिरिडीह के DEO कार्यालय में तैयार हुई थी स्किल इंडिया के फर्जी प्रशिक्षक की बहाली की पटकथा
प्रधान लिपिक (फाइल फोटो)

पुलिस सूत्रों की मानें तो उत्तम कुमार स्किल्ड इंडिया के प्रशिक्षक की नौकरी का सपना दिखाकर गिरिडीह और धनबाद के बेरोजगार युवाओं को एनबीबीएसएस ट्रस्ट के संपर्क में पहुंचाया. इसके बाद बहाली के लिए किसी से पांच तो किसी से छह लाख की वसूली कर ट्रस्ट संचालक और प्रधान लिपिक किशोल किशोर तक पैसे पहुंचाये थे.

अनुसंधान के दौरान यह भी सामने आ चुकी है कि 60 अभ्यर्थियों से बहाली के नाम पर उत्तम ने 25 लाख की वसूली की थी. इसमें 15 लाख एनबीबीएसएस के ट्रस्ट संचालक मनोज कुमार ने और पांच लाख-पांच लाख उत्तम और प्रधान लिपिक किशोल किशोर ने रखे थे.

पुलिस सूत्रों की मानें तो पूछताछ में जेल जा चुके ट्रस्ट संचालक मनोज कुमार ने फर्जी बहाली कराने वाले अपने रैकेट के सरगना के रूप में प्रधान लिपिक कौशल किशोर के नाम का खुलासा किया था. ट्रस्ट संचालक से पूछताछ के आधार पर बीते सोमवार को पुलिस ने प्रधान लिपिक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था. लिहाजा, पुलिस अब प्रधान लिपिक को थाना कांड संख्या 260/20 में तीसरा अभियुक्त बनाकर जेल भेजेगी.

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फर्जी बहाली संबंधी पत्र आ चुका था 

इधर चार दिनों के पुलिस अनुसंधान में इससे जुड़े कई तथ्यों का खुलासा हुआ तो कई और खुलासे होने बाकी है. फिलहाल जो खुलासे हुए हैं उसके बाद शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के कई कर्मी अब बचते-बचाते दिख रहे हैं क्योंकि फर्जी बहाली के रैकेट में प्रधान लिपिक कौशल किशोर समेत शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के कई बड़े बाबुओं के शामिल होने का संदेह अब पुलिस जता रही है.

वैसे मार्च महीने में स्किल्ड इंडिया के उप निदेशक द्वारा फर्जी बहाली से जुड़ा पत्र आ चुका था. इसकी चर्चा भी खुद डीईओ पुष्पा कुजूर ने कार्यालय के सहकर्मियों से की थी. उपनिदेशक के आये पत्र को ही कई कर्मियों डीईओ के समक्ष संदेहास्पद बता दिया था.

इस बीच पूरे मामले का खुलासा उन युवकों ने ही किया था जिनकी फर्जी बहाली तो हुई लेकिन वेतन नहीं मिलने के बाद युवकों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी. इधर बीते बुधवार को ही जिला शिक्षा पदाधिकारी पुष्पा कुजूर ने नगर थाना में नेशनल बोर्ड ऑफ स्कॉलरशिप एंड स्किल डेवलपमेंट ट्रस्ट के अज्ञात निदेशक, उपनिदेशक समेत एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया है.

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