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स्कूलों को मिलना था 85 करोड़ का अनुदान, विभाग की करनी से लैप्स कर गयी पूरी राशि

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  • अनुदान नियमावली की अनदेखी कर शिक्षा विभाग ने घटा दी कक्षाएं, स्कूलों को मिलने के बजाय लैप्स कर गयी राशि
  • अनुदान के लिए कक्षा छह से दसवीं के स्थान पर कर दिया सिर्फ नौवीं और दसवीं
  • दो सौ स्कूल और लगभग दो हजार शिक्षक हुए प्रभावित
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Chhaya

Ranchi : राज्य सरकार के अनुदान से चलनेवाले स्कूलों के लिए साल 2018 मुसीबतों से भरा रहा. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अलग-अलग नियमावली के कारण इन स्कूलों को कई तरह की मुसीबतों का सामना करना पड़ा, जो अभी भी जारी है. 2004 और 2015 अनुदान नियमावली के अनुसार पहले कक्षा छह से दसवीं तक के छात्रों की संख्या के अनुसार अनुदान दिया जाता था. लेकिन, विभाग ने साल 2018 में अनुदान के लिए कक्षाएं घटाकर सिर्फ नौवीं और दसवीं कर दी. इसके कारण साल 2018 में एक भी स्कूल को अनुदान नहीं मिल सका. क्योंकि, स्कूलों ने अनुदान नियमावली के अनुसार विभाग को छात्रों की संख्या नहीं बतायी. महंगाई को देखते हुए वर्तमान सरकार ने ही अनुदान की राशि बढ़ायी थी. इसके बावजूद स्कूलों को अनुदान नहीं मिल पाया.

2017-18 में 85 करोड़ का प्रावधान किया गया था

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को साल 2017-18 के लिए 85 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था. यह राशि अनुदान से संचालित स्कूलों की दी जानी थी. लेकिन, विभागीय प्रक्रियाओं में लेटलतीफी और सही तालमेल नहीं होने के कारण 31 मार्च को यह राशि लैप्स कर गयी. राज्य में लगभग 200 ऐसे स्कूल हैं, जो अनुदान के लिए सभी शर्तें पूरी करते हैं. इन स्कूलों में हाई स्कूल, संस्कृत विद्यालय, मदरसा हैं. अनुदान न मिलने से लगभग 2,000 शिक्षक प्रभावित हुए हैं.

नौवीं-दसवीं के कारण कम हो रही छात्रों की संख्या

इस संबध में अनुदान से संचालित कई स्कूल प्रबंधनों से बात की गयी. धुर्वा स्थित सर्वोदय विद्यालय के प्राचार्य सुरेंद्र झा ने बताया कि स्कूल को एक साल से अनुदान नहीं मिला है. विभाग जाकर पता लगाया गया, तो पता चला कि अचानक विभाग की ओर से छह से दसवीं के स्थान पर नौवीं और दसवीं के छात्रों की संख्या के अनुसार अनुदान दिया जायेगा. इससे अनुदान नियमावली की शर्तें पूरी नहीं हो पा रही हैं. हालांकि, 2004 अनुदान नियमावली में लिखा है कि हाई स्कूल में कक्षा छह से दसवीं तक के छात्रों की संख्या के अनुसार ही राज्य सरकार स्कूलों को अनुदान देगी.

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क्या है नियमावली में

2015 अनुदान नियमावली के अनुसार इंटर स्कूलों को दिये जानेवाले अनुदान 200 से 500 छात्रों पर एक लाख 40 हजार रुपये, 501 से 1000 पर एक लाख 80 हजार रुपये, 1001 से 2000 छात्रों पर दो लाख 40 हजार रुपये और 2001 से ऊपर होने पर चार लाख रुपये है. इसी तरह उच्च विद्यालयों में 200 से 500 छात्रों पर 60 हजार रुपये, 501 से 1000 छात्रों पर 80 हजार रुपये और 1001 से ऊपर होने पर एक लाख 20 हजार रुपये का प्रावधान है. प्राथमिक विद्यालयों में 200 से 500 छात्रों पर 30 हजार रुपये, 501 से 1000 पर 40 हजार रुपये और 1001 से ऊपर छात्र संख्या होने पर 60 हजार रुपये देने का प्रावधान है.

सचिव ने जवाब देने से पल्ला झाड़ा

इस संबंध में जब स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह से बात करने की कोशिश की गयी, तो उन्होंने बिना कुछ सुने फोन काट दिया. दोबारा कोशिश की गयी, तो उन्होंने जवाब नहीं दिया.

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