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School Fee: तीन महीने तक अभिभावकों को मिलता रहा आश्वासन, अंत में मिला झुनझुना

Rahul Guru

Ranchi : तीन महीने तक टकटकी लगाये अभिभावक आज भी अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के साथ बैठक के बाद कुछ राहत मिली है, लेकिन उसे ऊंट के मुंह में जीरा ही कहा जा सकता है.

तमाम कवायद के बाद भी अभिभावकों को स्पष्ट पता नहीं है कि उन्हें कितनी फीस भरनी है. तीन महीने तक अभिभावकों को शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो अपने बयान से यह उम्मीद दिलाते रहे कि लॉकडाउन की अवधि की फीस नहीं देनी होगी. लेकिन नतीजा सिफर रहा. मंगलवार को दो सत्र में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने बैठक की. पहले सत्र में अभिभावक संघ के साथ और दूसरे सत्र में स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक की. इस बैठक के बाद उन्होंने तय किया कि निजी स्कूल लॉकडाउन की अवधि में केवल ट्यूशन फीस लेंगे. इसके अतिरिक्त कोई और चार्ज निजी स्कूल प्रबंधन नहीं लेंगे. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का यह फैसला राज्य के अभिभावकों को ठगनेवाला रहा.

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जानिये कब-कब शिक्षा मंत्री ने कहा- निजी स्कूल नहीं लें फीस

गौरतलब है कि 23 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन के पहले चरण से ही स्कूलों की फीस पर चर्चा हो रही है. लॉकडाउन के पहले चरण से अभिभावकों के हितों का ख्याल रखने की बात शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो करते रहे. अभिभावकों के हित का ख्याल रखते हुए उन्होंने पहली बार जैक की ओर से 31 मार्च को सभी निजी स्कूलों के प्राचार्य व प्रबंधकों को पत्र भिजवाया. जिसमें उन्होंने फीस नहीं लेने की अपील की. दूसरी बार 29 अप्रैल को कमेटी गठित करने की बात कह निजी स्कूलों पर फीस लेने पर रोक लगायी. फिर तीसरी बार 5 मई को जमशेदपुर के सर्किट हाउस में उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों को लॉकडाउन की अवधि की फीस नहीं लेनी है.

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अब समझिये शिक्षा मंत्री के निर्णय को

मंगलवार की बैठक के बाद जो निर्णय लिया गया, उस निर्णय ने अभिभावकों को आहत किया है. निजी स्कूल मासिक फीस लेते रहेंगे. शिक्षा मंत्री के इस निर्णय पर सीबीएसई सहोदया के अध्यक्ष और रांची डीपीएस के प्राचार्य डॉ राम सिंह ने कहा कि निजी स्कूल मासिक फीस लेते रहेंगे. निजी स्कूल ट्रांसपोर्टेशन फीस, एनुअल फीस जैसे अन्य चार्ज नहीं लेंगे. इस तरह के चार्ज का निर्णय बाद में लिया जायेगा.

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अभिभावकों की उम्मीद पर हुआ कुठाराघात

शिक्षा मंत्री के इस निर्णय पर अभिभावकों ने काफी रोष जताया है. अभिभावक मंच के अजय राय ने कहा कि बीते तीन माह से शिक्षा मंत्री अभिभावकों को यह कहते रहे कि उन्हें फीस नहीं देनी होगी. लेकिन आज उन्होंने अपने ही बयान को काट दिया. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने अभिभावकों की उम्मीदों पर कुठाराघात किया है. अभिभावक संघ की मानें तो राज्य के कई निजी स्कूल न केवल ट्यूशन फीस बल्कि कई अन्य चार्ज भी वसूल चुके हैं. स्कूलों की ओर से वसूले गयी इस राशि को निजी स्कूल किस तरह से एडजेस्ट करेंगे, यह भी साफ नहीं किया गया है.

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