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एनसीपीसीआर के कार्यक्रम में बाहर से लाये गये थे स्‍कूली बच्‍चे

एनसीपीसीआर और एससीपीसीआर ने नहीं लिए स्‍वत: संज्ञान

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मुख्य अतिथि थीं शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव, दिल्ली से आये थे, एनसीपीसीआर सदस्य यशवंत जैन

Ranchi : राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) दिल्ली के कार्यक्रम में श्रोताओं के रूप में बच्चों को लाकर उन्हें दिन भर रखने का मामला सामने आया है. यह कार्यक्रम राजधानी रांची के रिम्स ऑडिटोरियम में महिला शक्तिवाहिनी के चेतना अभियान की शुरुआत करने को लेकर आयोजित की गयी थी. इसमें अतिथियों के अलावा कोई श्रोता नहीं थे. इसलिए पूरे ऑडिटोरियम में डीपीएस, डीएवी ग्रुप और अन्य स्कूल के बच्चों को बुला कर पूरे कार्यक्रम में उन्हें रखा गया.

यहां यत बताते चलें कि स्कूली शिक्षा और साक्षरता मंत्री डॉ नीरा यादव, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर समेत एनसीपीसीआर के सदस्य यशवंत जैन भी मौजूद थे. एनसीपीसीआर का काम बच्चों के अधिकार को संरक्षित करने और उनके मौलिक अधिकारों को बल पूर्वक लागू कराने का है. यह राजधानी में एनसीपीसीआर का पहला कार्यक्रम होगा, जहां बच्चे ही ऑडिएंस के रूप में मौजूद थे. कार्यक्रम का आयोजन शक्तिवाहिनी के ऋषिकांत की तरफ से किया गया था.

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कार्यक्रम की पहली पंक्ति और डायस पर ही अतिथि मौजूद थे. शेष सभी कुर्सियों में 500 से अधिक स्कूली बच्चों को उनकी कक्षाएं अवरुद्ध कर लाया गया था. मुख्य अतिथि द्वारा कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को ट्रैफिकिंग से बचाने के लिए टॉल फ्री नंबर 707095222 जारी किया गया. इसमें ट्रैफिकिंग समेत अन्य घटनाओं पर शिकायत करने का आग्रह भी किया गया. राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष की तरफ से भी टॉल फ्री नंबर पर अधिक से अधिक शिकायतें करने का अनुरोध किया गया.

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