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स्कूल बिल्डिंग फंड से लेकर सर्व शिक्षा अभियान के बिल भुगतान तक के लिए पलामू DEO लेते हैं रिश्वत

  • पलामू डीईओ पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जांच करने का आदेश दिया,  शिक्षकों ने कि थी शिकायत
  • क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक की ओर से की जायेगी जांच
  • बिना विभागीय अनुमति के कर दी गयी एक शिक्षिका की प्रतिनियुक्ति

Ranchi : राज्य की शिक्षा व्यवस्था कुछ अधिकारियों के कारण चौपट होती जा रही है. कभी रिश्वतखोरी तो कभी कार्यशैली के कारण ये अधिकारी अपने पद को तो धूमिल कर ही रहे हैं साथ ही शिक्षा व्यवस्था को भी अपनी करनी की वजह से चपेट में ले रहे हैं.

कुछ ऐसा ही कर रहे हैं पलामू के वर्तमान जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) सुशील कुमार. जिनके कार्यों की चर्चा पलामू की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के लिए आफत बन गयी है. डीईओ के कार्यों से परेशान होकर पलामू के शिक्षकों ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा. जिसके बाद पत्र स्कूली शिक्षा साक्षरता विभाग को फाॅरवर्ड किया गया.

शिक्षकों की ओर से विभाग को दिए पत्र में बताया गया है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी कोई भी काम बिना रिश्वत लिए नहीं करते हैं. यहां तक की अपने कार्यालय के फाइल और स्कूलों से संबधित फाइलों को भी ये रिश्वत ले कर ही आगे बढ़ाते हैं. और अगर रिश्वत नही दी जाती है तो शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं.

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रिश्वत नहीं देने पर बिल से काट लते हैं पैसे

साहब को रिश्वत लेने की आदत कुछ इस कदर है कि सभी प्रखंडों के स्कूल इंस्पेक्टर तक से ये प्रति माह उगाही करते हैं. वहीं सर्व शिक्षा अभियान (वर्तमान में समग्र शिक्षा अभियान) में जिला एवं प्रखंड के सभी कार्यक्रमों के लिए भी बिना रिश्वत लिए पैसों का भुगतान नहीं करते.

शिक्षकों की ओर से रिश्वत नहीं देने पर या तो भुगतान नहीं दिया जाता है या तो बिल से ही पैसे काट लिए जाते हैं. पत्र में बताया गया है कि अगर कोई रिश्वत के खिलाफ आवाज उठाता है तो डीईओ उसपर कार्रवाई करने, नौकरी से हटाने, ट्रांसफर करने फिर नौकरी से बर्खास्त करने की बात करते हैं. जिसकी वजह से कोई भी शिक्षक डीईओ के खिलाफ आवाज नहीं उठाते.

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स्कूल बिल्डिंग के नाम पर आने वाले फंड के लिए भी लेते हैं रिश्वत

पत्र में लिखा गया है कि सुशील कुमार स्कूल बिल्डिंग के नाम पर आने वाले फंड के लिये भी रिश्वत लेते हैं. स्कूली शिक्षा साक्षरता विभाग की ओर से पत्र माध्यमिक शिक्षा निदेशक को दी गयी है. जिन्होंने क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक पलामू प्रमंडल से कार्रवाई करने का आदेश दिया है. जांच 19 जून तक की जानी है.

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बिना विभागीय अनुमति कर दी गयी शिक्षिका की प्रतिनियुक्ति

लिखित पत्र में राजकीय मध्य विद्यालय हुसैनाबाद की सहायक शिक्षिका स्वधा निकी के साथ सुशील कुमार के अवैध संबध होने की बात की गयी है. वहीं शिक्षिका का प्रतिनियोजन सुशील कुमार की ओर से डालटेनगंज की लाइब्रेरी में कर दिया गया था.

जब हुसैनाबाद विधायक की ओर से शिक्षिका के प्रतिनियोजन को तोड़ने का दबाव दिया गया तो डीईओ ने शिक्षिका स्वधा निकी को राजकीय उत्क्रमित अध्य विद्यालय पोखराहा खुर्द में प्रतिनियुक्त कर दिया. वो भी दिसंबर 2018 में, जबकि विभाग की ओर से प्रतिनियुक्ति हमेशा जून और जुलाई माह में की जाती है. इस संबध में कई बार अधिकारी सुशील कुमार से बात करने की कोशिश की गयी लेकिन उनका फोन बंद आया.

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