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रांची नगर निगम में सफाई के नाम पर 10 लाख रुपये का घोटाला

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  • 15 फर्जी सफाईकर्मियों को एक साल से हर माह वेतन दे रहा है निगम
  • निगम की स्वास्थ्य पदाधिकारी ने भी स्वीकारी गड़बड़ी, कहा- अपर नगर आयुक्त को दी गयी है जानकारी

Ranchi : रांची नगर निगम में फर्जी सफाईकर्मियों के नाम पर लाखों रुपये के घोटाले की बात सामने आयी है. दरअसल, निगम क्षेत्राधिकार में कुल 53 वार्ड हैं, जिनमें 33 वार्डों में कंपनी आरएमएसडब्ल्यू और शेष वार्डों में निगम के कर्मी कूड़ा उठाने के अलावा सफाई कार्य करते हैं. 53 वार्डों के अलावा रांची शहर को चार जोन में बांटा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रत्येक जोन के सफाईकर्मियों से कार्य लिया जाता रहे. सूत्रों के मुताबिक इन कर्मियों में ऐसे 15 नाम शामिल हैं, जो वास्तव में निगम के कर्मी ही नहीं हैं, लेकिन इनके नाम से पिछले एक वर्ष से निरंतर वेतन उठाया जा रहा है. अगर इन कर्मियों को प्रत्येक माह 5500 रुपये की राशि वेतन के रूप मिलती है, तो इस हिसाब से प्रत्येक माह निगम को 82 हजार पांच सौ रुपये और एक साल में करीब 10 लाख रुपये तक का चूना निगम को लगाया जा चुका है. अब जब निगम के अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली है, तो वे बायोमीट्रिक मशीनों के खराब होने की बात कहकर कोई कठोर कार्रवाई करने की बात का आश्वासन दे रहे हैं.

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बायोमीट्रिक अटेंडेंस मशीन खराब होने का बन रहा बहाना

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इस मामले पर निगम की स्वास्थ्य पदाधिकारी किरण कुमारी का कहना है कि लाखों रुपये के हो रहे नुकसान की जानकारी उन्हें भी है. निगम के सभी स्टोर रूम में बायोमीट्रिक अटेंडेंस मशीन की व्यवस्था की गयी थी, ताकि सफाईकर्मियों के उपस्थिति पर निगरानी रखी जाये. बायोमीट्रिक अटेंडेंस मशीन में की गयी एंट्री के बाद ही इन कर्मियों को वेतन भुगतान किया जाता है, लेकिन पिछले एक वर्ष से ज्यादा समय से अधिकतर स्टोर रूम में ऐसी मशीनें खराब हो चुकी हैं. अब इन स्टोर रूम में इन कर्मियों की एंट्री मैनुअल रजिस्टर पर की जा रही थी. संभवतः इसी का फायदा उठाकर स्टोर रूप के कर्मी ऐसा करते रहे हों. उन्होंने कहा कि इन मशीनों की निगरानी के लिए मेकन के इंजीनियर से मदद ली जाती रही है, लेकिन वे भी महीने में चार से पांच दिन आकर मशीनों की जांच करते हैं. अब इसके लिए किसी बेहतर कंपनी को काम दिये जाने की तैयारी हो रही है.

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अपर नगर आयुक्त अवार्ड लेने गये हैं दिल्ली, उनके रांची आने के बाद होगी कार्रवाई

किरण कुमारी ने बताया कि फर्जी सफाईकर्मियों के स्टोर रूम में कार्यरत होने की जानकारी उन्होंने अपर नगर आयुक्त गिरिजा शंकर को दी थी. हालांकि स्वच्छ भारत सर्वेक्षण के तहत रांची को मिलनेवाले अवार्ड को लेने वह दिल्ली गये हैं. जैसे ही वह रांची आयेंगे, इस पर जो भी उचित कार्रवाई होगी, की जायेगी.

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