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प्रिया सिंह की हत्या की वजह प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए 1.80 करोड़ का घोटाला तो नहीं

गढ़वा में हुए 1.80 करोड़ रुपये के घोटाले के मुख्य आरोपी के प्रभाशंकर के साथ प्रिया का मिलना-जुलना था.

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Sweta Kumari

Ranchi : गढ़वा की सामाजिक कार्यकर्ता प्रिया सिंह की हत्या के पीछे एक बड़ी साजिश हो सकती है. जो ताजा तथ्य सामने आए हैं, उसके मुताबिक वह गढ़वा में हुए एक बड़े घोटाले के बारे में बहुत कुछ जानती थी. गढ़वा में हुए 1.80 करोड़ रुपये के घोटाले के मुख्य आरोपी प्रभाशंकर के साथ प्रिया का मिलना-जुलना था. जिस दिन 20 अगस्त को प्रिया सिंह का अपहरण किया गया, उससे एक दिन पहले वह प्रभाशंकर के साथ थी. घोटले में पुलिस जब प्रभाशंकर को पकड़ने के लिए गयी थी, उस वक्त प्रिया सिंह भी उसके साथ थी. घोटाले को लेकर प्रिया सिंह की हत्या हुई है या नहीं, इसे लेकर पलामू पुलिस की पड़ताल शुरू हो गयी है. हालांकि पुलिस का यह भी कहना है कि पहले यह सुनिश्चित कर लेना जरूरी है कि पंकज ने जिस शव की पहचान अपनी बहन के रूप में की है, वह प्रिया सिंह की ही है या किसी दूसरी महिला की.

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प्रिया सिंह की हत्या की वजह प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए 1.80 करोड़ का घोटाला तो नहीं
15 लोगों के नाम जिन्हें ट्रांसफर की गयी रकम

प्रिया सिंह प्रभाशंकर की ज्यादा करीब थी

जानकारी के मुताबिक 19 अगस्त को जब पुलिस प्रभाशंकर को गिरफ्तार करने उसके ठिकाने पर पहुंची थी, तब वहां पर पुलिस को प्रिया सिंह भी उसके साथ मिली थी. वैसे प्रभाशंकर का कई महिलाओं से मिलना-जुलना था. लेकिन प्रिया सिंह उसके ज्यादा करीब थी. अपने एनजीओ के काम के सिलसिले में प्रिया सिंह अक्सर प्रभाशंकर से मिला करती थी. सूत्रों के मुताबिक प्रभाशंकर ने पीएम आवास योजना में जो घोटाला किया था, उससे जुड़े तमाम तथ्यों की जानकारी प्रिया सिंह को भी थी. कई दस्तावेज भी प्रिया सिंह के पास थे. बताया जाता है कि इसी कारण पहले उसका अपहरण किया गया, फिर उसकी हत्या कर दी गयी. पुलिस ने प्रिया सिंह की गुमशुदगी और अपहरण के मामले में ढिलाई क्यों बरती, इसे लेकर भी कई तरह की चर्चा है.

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गढ़वा के एक सख्स, जिसके पास घोटालों के बारे में कई तरह की जानकारियां हैं, उन्होंने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि 1.80 करोड़ रुपये के घोटाले में गिरफ्तार आरोपी प्रभाशंकर ने रुपये को खपाने के लिए प्रिया सिंह का इस्तेमाल किया था. घोटाले की राशि किस-किस को दी गयी, इसकी जानकारी भी प्रिया सिंह को थी. उन्होंने आशंका जताया है कि जब प्रिया सिंह और प्रभाशंकर के संपर्कों की जानकारी पुलिस को मिल गयी, तब उसे ही रास्ते से हटा दिया गया.

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प्रिया सिंह की हत्या की वजह प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए 1.80 करोड़ का घोटाला तो नहीं
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ऐसे हुई थी प्रिया की हत्या

उल्लेखनीय है कि प्रभाशंकर ने पीएम आवास योजना के पैसों को अधिकारियों संग मिलकर 15 ऐसे लोगों के खाते में ट्रांसफर किये थे, जो इस योजना के असली लाभुक नहीं थे. इन 15 लोगों के खाते में करीब एक से सवा लाख रूपये ट्रांसफर किये गये. अब उनपर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. हालांकि जो इस योजना में असली लाभुक थे, उनके खाते में पहली किस्त का मात्र 26 हजार रूपया ही ट्रांसफर किया गया. शेष राशि दूसरों के खाते में ट्रांसफर करके घोटाले को अंजाम दिया गया.

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गौरतलब है कि गढ़वा की सामाजिक कार्यकर्ता प्रिया सिंह का अपहरण के बाद हत्या कर दी गय़ी थी. गढ़वा पुलिस ने अपहरण की घटना की सूचना मिलने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की. न ही प्राथमिकी दर्ज की. प्रिया का अपहरण गढ़वा टाउन से 20 अगस्त को हुआ था. उसके परिजनों ने इसकी सूचना थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह को दी. लेकिन थाना प्रभारी ने प्रिया के भाई से कहा था कि नौटंकी मत करो. कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं होगी. प्रिया के भाई ने प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए गढ़वा के डीसी और एसपी से भी मुलाकात की. लेकिन इसका फायदा नहीं हुआ. प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी. इस दौरान प्रिया सिंह की हत्या कर दी गयी. 29 अगस्त को एक युवती का क्षत-विक्षत शव पलामू के विश्रामपुर थाना के नौगढ़ा ओपी के अमवा गांव के बगदइया नाला से बरामद किया गया. प्रिया सिंह के भाई पंकज ने शव की पहचान अपनी बहन के रुप में की. शव की शिनाख्त प्रिया सिंह के कपड़े से हुई.

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