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SC-ST प्रमोशन मामलाः दीपक प्रकाश ने कहा- जनभावनाओं का ख्याल है तो सरकार से सपोर्ट वापस ले कांग्रेस

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Ranchi: प्रदेश भाजपा ने कांग्रेस को सरकार से सपोर्ट वापस लेने की चुनौती दी है. सांसद और प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस हो या झामुमो हो, दोनों ने हमेशा अपनी सहूलियत की राजनीति की है. कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की एसटी-एससी के प्रोन्नति मामले को लेकर बयान दे रहे हैं. प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर का दूसरे प्रदेश से 10वीं और 12वीं पास करने वाले खतियानी को नौकरी देने की अपील की जा रही है. जेएमएम और कांग्रेस का अलग-अलग राग जनता को केवल दिग्भ्रमित करने वाला है. कांग्रेस नेताओं का बयान महज राजनीतिक है. दोनों पार्टियां आदिवासियों और मूलवासियों से प्रेम का झूठा राग अलापती रहती हैं. अगर जनभावनाओं का ख्याल कांग्रेस को है तो सरकार से सपोर्ट वापस ले.

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आदिवासी मूलवासी प्रेम छलावा

दीपक प्रकाश के मुताबिक एससी एसटी वर्ग में सरकारी सेवकों को प्रोन्नति मिले, इसकी सारी अड़चनें तत्काल दूर हो, भारतीय जनता पार्टी इसकी पक्षधर है. पर सरकार में रहकर भी कांग्रेस का ऐसा ढकोसला शोभा नहीं देता. पार्टी केवल झूठा बयानबाजी कर आदिवासियों की हितैषी होने का ढोंग रचती है. जब आदिवासियों को वास्तव में न्याय और मरहम की जरूरत होती है, तब यही कांग्रेस सरकार के पक्ष में मजबूती से खड़ी नजर आती है. कांग्रेस नेताओं का बयान “हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और” वाली कहावत को चरितार्थ करता है. रूपा तिर्की मामले में बंधु तिर्की ने क्या रूप दिखाया था, सबों को पता है. दिवंगत रूपा के परिजनों को सीबीआई जांच की जिद छोड़ने के लिए मुख्यमंत्री का दूत बनकर और परिजनों को पेट्रोल पंप से लेकर सरकारी नौकरी देने तक का प्रलोभन देने पहुंच गये थे.

 

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गुमला के विशुनपुर के गुरदरी में दो नाबालिग बहनों के साथ गैंगरेप की घटना हो या फिर दुमका में एक आदिवासी महिला के साथ 17 लोगों के द्वारा गैंगरेप का मामला, तब पूरी कांग्रेस मौनी बाबा क्यों बन जाती है? यह स्पष्ट है कि लालफीताशाही चरम पर है और सरकार का अधिकारियों पर कोई भी नियंत्रण नहीं है. या हो सकता है कि झारखंड सरकार के दो चेहरे हों. दिखावे के लिए मुख्यमंत्री प्रोन्नति की अड़चनों को दूर करने का कुछ और आदेश देते हैं और अनुपालन के लिए अधिकारियों को बाद में मौखिक कुछ और आदेश. अब दोनों में सच क्या है, यह या तो सरकार बता सकती है या फिर जेएमएम के दिव्य ज्ञानी नेतागण. जेएमएम को इस मसले पर सामने आकर सारी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.

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