न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

वकीलों पर SC के तेवर तल्ख, कहा, जजों पर प्रेस डिबेट के माध्यम से हमला नहीं किया जा सकता

सुप्रीम कोर्ट के अनुसार जजों के खिलाफ उचित फोरम पर शिकायतें दर्ज हों, लेकिन पक्ष में फैसला न आने पर जजों पर प्रेस में हमला नहीं किया जा सकता.

52

NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों द्वारा न्यायपालिका और जजों पर किये जाने वाले हमलों पर नाराजगी जतायी है. अपने एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अदालती फैसलों को राजनीतिक रंग देना अदालत की घोर अवमानना है. इस क्रम में कहा कि जजों व न्यायपालिका को राजनीतिक उद्देश्यों के तहत नहीं रखा जा सकता. सुप्रीम कोर्ट के अनुसार जजों के खिलाफ उचित फोरम पर शिकायतें दर्ज हों, लेकिन पक्ष में फैसला न आने पर जजों पर प्रेस में हमला नहीं किया जा सकता. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वकीलों द्वारा प्रेस में डिबेट के माध्यम से कोर्ट के फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए. कहा कि जजों पर संस्थान की गरिमा को बनाये रखने की जिम्मेदारी भी है. वे प्रेस में जाकर अपना पक्ष या विचार नहीं रख सकते. अवमानना की कार्रवाई ब्रहमास्त्र की तरह है और जरूरत पड़ने पर ही अदालत इसका इस्तेमाल करती है.

न्यायपालिका में सेवा देना सेना की सेवाओं से कम नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायपालिका में अपनी सेवा देना सेना की सेवाओं से कम नहीं है. यह फैसला जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ ने सुनाया है. दरअसल केसों के बंटवारों के संदर्भ में जस्टिस मिश्रा पर कुछ फैसलों को लेकर सवाल उठाये गये थे. बता दें कि मद्रास हाईकोर्ट ने वकीलों के लिए अनुशासानात्मक नियम तैयार किये थे जिनके तहत हाईकोर्ट या जिला अदालत किसी वकील को कोर्ट में पेश होने से रोक सकते थे. इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गयी थी. जान लें कि सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अरुण मिश्रा व जस्टिस विनीत शरण की बेंच ने हाईकोर्ट के नियम यह कहते हुए रद्द कर दिया कि बार की स्वायत्तत्ता छीनी नहीं जा सकती.

Related Posts

अमित शाह ने एनएसए डोभाल  के साथ कश्मीरियों की सहूलियतों  पर चर्चा की, अफवाहों को  कुचलने का निर्देश

हिंसा भड़काने के मकसद से  परोसी जा रही गलत खबरों और तरह-तरह की अफवाहों को कठोरता से कुचलने का निर्देश दिया गया.

SMILE

इसे भी पढ़ें : मिशेल के बाद राजीव सक्सेना और दीपक तलवार को लाया गया भारत

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: