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#SupremeCourt का आदेश,  #TelecomCompanies दूरसंचार विभाग को 1.33 लाख करोड़ का भुगतान करें

दूरसंचार विभाग (DOT) ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया है कि भारतीय एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और आर कॉम आदि कंपनियों पर लगभग 1.33 लाख करोड़ रुपये का बकाया है.

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NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों से सुनवाई के दौरान कहा कि यह कंपनियां Department of Telecommunications (DOT) को 1.33 लाख करोड़ रुपये का बकाया दें. यह बकाया कितने समय के अंदर दिया जायेगा यह कोर्ट तय करेगा. जान लें कि टेलीकॉम कंपनियों ने बकाया राशि चुकाने के लिए 6 महीने का समय मांगा था.

जान लें कि दूरसंचार विभाग (DOT) ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया है कि भारतीय एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और आर कॉम आदि कंपनियों पर लगभग 1.33 लाख करोड़ रुपये का बकाया है. इसमें लाइसेंस शुल्क के रूप में 92000 करोड़ रुपये और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क के रूम में 41000 करोड़ रुपये शामिल हैं.

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2008 में कोर्ट ने TD SAT के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी थी

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HAL ने 56,500 करोड़ रुपए की डील को घटाकर 39,000 करोड़ रुपए कर दिया है. एक साल लंबी बातचीत के बाद इस डील में 17,000 करोड़ रुपए की कमी की गयी है.

सुनवाई के दौरान DOT ने कोर्ट में कहा कि टर्मिनेशन शुल्क के अलावा टेलीकॉम कंपनियों को मिलने वाली सभी राजस्व, रोमिंग शुल्क AGR का ही हिस्सा है. जबकि टेलीकॉम कंपनियों की दलील है कि  गैर-दूरसंचार राजस्व जैसे किराया, इंटरनेट आय, लाभांश आय आदि को AGR से बाहर रखा जाना चाहिए. 2006 में TD SAT  ने AGR के मुद्दे पर टेलीकॉम कंपनियों के पक्ष में फैसला दिया था.

इसके बाद DOT ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और 2008 में कोर्ट ने TD SAT के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी थी और टेलीकॉम कंपनियों को नोटिस जारी किया था. 41000 करोड़ की राशि में मूलधन, ब्याज और जुर्माना शामिल है.

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