न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

SC ने राफेल डील में मोदी सरकार को क्लीन चिट दी, कहा, हम संतुष्ट, डील में कोई कमी नहीं  

SC ने कहा कि राफेल खरीद की प्रक्रिया में विशेष कमी नहीं रही है और केंद्र के 36 विमान खरीदने के फैसले पर सवाल उठाना सही नहीं है.  विमान की क्षमता में कोई कमी नहीं है.

315

NewDelhi : राफेल डील में मोदी सरकार को  SC से बहुत बड़ी राहत मिली है.  SC ने शुक्रवार को 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर फ्रांस के साथ हुई डील की जांच अदालत की निगरानी में कराने की मांग वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया. SC ने कहा कि राफेल खरीद की प्रक्रिया में विशेष कमी नहीं रही है और केंद्र के 36 विमान खरीदने के फैसले पर सवाल उठाना सही नहीं है.  विमान की क्षमता में कोई कमी नहीं है. SC ने अदालत की निगरानी में राफेल डील को लेकर जांच करवाने की सभी याचिकाओं को रद्द कर दिया.  बता देंं  कि मनोहर लाल शर्मा, विनीत ढांडा, आम आदमी पार्टी के सासंद संजय सिंह, प्रशांत भूषण, अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा की याचिकाओं पर फैसला सुनाया गया. इन याचिकाओं में राफेल सौदे की कीमत और उसके फायदों की जांच कराने की मांग की गयी थी और कहा गया था कि ज्यादा कीमतों पर डील हुई और गलत तरीके से ऑफसेट पार्टनर चुना गया. इसलिए डील  रद्द की जाये.

याचिका रद्द करते हुए SC ने कहा, हम पूरी तरह से संतुष्ट है कि राफेल सौदे की प्रक्रिया में कोई कमी नहीं रही. कहा कि  देश को सामरिक रूप से सक्षम रहना आवश्यक है.  अदालत के लिए अपीलकर्ता प्राधिकारी के रूप में बैठना और सभी पहलुओं की जांच करना संभव नहीं है.

 कोई सबूत नहीं कि सौदे में किसी के व्यापारिक हित साधे गये हों

SC के अनुसार ऐसा कोई सबूत नहीं मिला,  जिससे साबित होता हो कि इस सौदे में किसी के व्यापारिक हित साधे गये हों.  राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद मामले की सुनवाई सीजेआई रंजन गोगोई की पीठ ने की. रंजन गोगोई ने कहा, ऑफसेट पार्टनर और व्यक्तियों की धारणा का चयन करने में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है.  यह रक्षा खरीद के संवेदनशील मुद्दे में पूछताछ का कारण नहीं हो सकता है.  कहा कि हम 126 एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए सरकार को मजबूर नहीं कर सकते  और अदालत के लिए इस मामले के हर पहलू की जांच करने के लिए उचित नहीं है. मूल्य निर्धारण विवरण की तुलना करना अदालत का काम नहीं है. बता दें कि राफेल डील को लेकर विपक्षी दलों ने मोदी सरकार के खिलाफ पिछले कई माह से मोर्चा खोल रखा है.  इस लिहाज से  SCका यह फैसला काफी अहम साबित होगा.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: