न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

SC ने ईडी से पूछा, तारीख बताओ, कार्ति चिदंबरम से कब पूछताछ करनी है?

कार्ति चिदंबरम जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, अगर वह विदेश जाते हैं तो इससे मामले की जांच में देरी होगी. 

18

NewDelhi : कार्ति चिदंबरम जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, अगर वह विदेश जाते हैं तो इससे मामले की जांच में देरी होगी.  ईडी ने सेामवार को सुप्रीम कोर्ट से यह कहा. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कार्ति चिदंबरम की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उन्होंने विदेश जाने की इजाजत मांगी थी. इस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दाखिल कर कार्ति चिदंबरम की याचिका का विरोध किया.   कहा कि कार्ति चिदंबरम जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, अगर वह बाहर जाते हैं तो जांच में देरी होगी. जान लें कि INX मीडिया मामले में सीबीआई के रेड कॉर्नर नोटिस के कारण कार्ति को हर बार विदेश जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से इजाज़त लेनी पड़ती है. इस क्रम में कार्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि अगर कार्ति जांच से बचने की कोशिश करते हैं तो टेनिस के लिए विदेश जाने की इजाजत नहीं मिलेगी.  साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट में तारीख बताये, जिस दिन पूछताछ के लिए कार्ति की जरूरत है. कहा कि कोर्ट यह सुनिश्चित करेगा कि कार्ति जांच में भी सहयोग करे और विदेश भी जा सके.

तारीखों का ब्योरा देने के लिए ईडी को बुधवार तक का समय मिला

सुप्रीम कोर्ट ने इन तारीखों का ब्योरा देने के लिए ईडी को  बुधवार तक का समय दिया. साथ ही कहा है कि इस मामले में सुनवाई अब 30 जनवरी को की जायेगी. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में ईडी ने कहा है कि कार्ति 6 महीने में 51 दिन विदेश में रहे. वह अपनी आजादी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. INX और एयरसेल मैक्सिस मामले में जांच पूरी करने के लिए कार्ति से पूछताछ जरूरी है. कार्ति को विदेश जाने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए.फरवरी-मार्च के बीच यूके, स्पेन, जर्मनी और फ्रांस जाने के लिए कार्ति की याचिका पर ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है.  हाल ही में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली उच्च न्यायालय में इस बात पर बल दिया कि आईएनएक्स मीडिया मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम से हिरासत में पूछताछ की जरूरत है, क्योंकि वह जवाब देने में टाल मटोल कर रहे हैं. दोनों जांच एजेंसियों ने दलील दी कि चिदंबरम जब वित्त मंत्री थी, उस दौरान एफआईपीबी ने एक मीडिया समूह को विदेश से 305 करोड़ रूपए की राशि प्राप्त करने के लिए मंजूरी प्रदान की थी.

hosp1

एजेंसियों ने कहा कि चिदंबरम ने गलत जवाब दिये और अपनी जानकारी का खुलासा नहीं किया. सीबीआई और ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया और कहा कि एजेंसियां ​​उन्हें गिरफ्तार करने, संबंधित अदालत के सामने पेश करने और पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लेने के लिए अपने वैधानिक अधिकारों का उपयोग करने की अनुमति मांग रही है.    

इसे भी पढ़ेंः लोजपा नेता का दावाः 6 से 10 मार्च के बीच होगा आम चुनाव का ऐलान

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: