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Saudi Arabia : बदलाव की बयार, वेस्टर्न कपड़ों में घूम रही महिला की तस्वीर वायरल

मशाल-अल-जालुद अबाया छोड़ वेस्टर्न कपड़ों व्हाइट ट्राउज़र और ऑरेंड रैप जैकेट में मॉल के बाहर घूमती नजर आयीं. मॉल के बाहर मौजूद भीड़ उनको देख रही थी

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Saudi Arabia : सउदी अरब में बदलाव की बयार बह रही है. मशाल-अल-जालुद (Mashael al-Jaloud) नाम की 33 साल की महिला की तस्वीरें ट्विटर पर वायरल हो रही हैं. तस्वीर की खासियत यह कि मशाल-अल-जालुद की बिना अबाया पहने घूम रही हैं. इस तस्वीरों में महिला बिना अबाया (मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहने जाने वाला सिर से पैर पर ढकने वाला फुल-लेंथ कपड़ा) के नजर आ रही हैं.

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जालुद बिंदास अंदाज़ में वहां से गुजरीं

मशाल-अल-जालुद अबाया छोड़ वेस्टर्न कपड़ों व्हाइट ट्राउज़र और ऑरेंड रैप जैकेट में मॉल के बाहर घूमती नजर आयीं. मॉल के बाहर मौजूद भीड़ उनको देख रही थी, लेकिन जालुद बिंदास अंदाज़ में वहां से गुज़रीं.

मशाल-अल-जालुद के अलावा 25 साल की सामाजिक कार्यकर्ता मनाहेल-अल ओतैबी (Manahel al-Otaibi) भी अबाया (बुर्का) थोड़ वेस्टर्न कपड़ों व्हाइट टी-शर्ट और डेनिम डंग्री में सड़कों पर घूम रही थी.

जान लें कि सउदी अरब या खासकर इस्लामिक देशों में महिलाएं काले रंग का पारंपरिक अबाया या बुर्का पहननी हैं. वहां, इस लिबाज को महिलाओं की पवित्रता के रूप में देखा जाता है. लेकिन अब सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के एक इंटरव्यू के बाद सउदी अरब में बदलाव नज़र आ रहा है.

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मोहम्मद बिन सलमान ने कहा था, ड्रेस कोड में छूट दी जा सकती है

खबरों के अनुसार 2018 में शहजादा मोहम्मद बिन सलमान ने सीबीएस को दिये एक इंटरव्यू में कहा था कि ड्रेस कोड में छूट दी जा सकती है. उनका कहना था कि यह पोशाक इस्लाम में अनिवार्य नहीं है, लेकिन इसके बाद भी कोई औपचारिक नियम नहीं बनने के कारण यह चलन बरकरार है.

ऐसा पहली बार नहीं है जब सऊदी अरब की महिलाओं ने बुर्के के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है. इससे पहले सोशल मीडिया पर सऊदी अरब की महिलाओं ने इस तरह के प्रतिबंध के खिलाफ अबाया के बिना अपनी तस्वीरें डाली हैं.  लेकिन बिना अबाया के इस तरह सऊदी अरब की महिलाओं का पब्लिक में घूमने का मामला पहली बार आया है

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