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#SaryuRoy ने कहा- सरकार किसी की भी बने, मेरा समर्थन नहीं, जनता के लिए काम-काज पर रखूंगा नजर

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Jamshedpur: संथाल परगना में चुनाव के दौरान दुमका में सरयू राय का हेमंत सोरेन के लिए प्रचार करने और शुक्रवार को नागरिकता संसोधन कानून का समर्थन देने के बाद कयास लगने लगे थे की सरयू राय एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए अपने विकल्प खोलकर रखने की कोशिश में हैं.

लेकिन शनिवार को उन्होंने इन कयासों पर विराम लगा दिया. उन्होंने कहा कि पूर्वी जमशेदपुर में रघुवर दास के खिलाफ उन्होंने नहीं, जनता ने चुनाव लड़ा है और अगर उन्हें जीत मिलती है तो भी वो किसी को अपना समर्थन नही देंगे.

वो निर्दलीय विधायक के तौर पर सरकार के काम-काज पर नजर रखेंगे. बीते पाच सालों में राज्य में पैसा खर्च हुआ, योजना बनीं, बैठके हुईं, वादे हुए लेकिन विकास नहीं हुआ इसीलिए किसी भी दल की सरकार बने, कामकाज की मॉनिटरिंग जरूरी है और उनका पूरा ध्यान इसी पर रहेगा.

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राय ने उक्त बातें अपने समर्थकों के साथ खिचड़ी पार्टी करने के दौरान कही. खिचडी पार्टी के दौरान सरयू राय काफी रिलैक्स दिखे.

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एक्जिट पोल के नतीजों से हैरान नहीं

शुक्रवार शाम तमाम एक्जीट पोल के आकलन पर भी आश्चर्य नहीं करते हुए सरयू राय ने कहा कि ये एक ट्रेंड भर है. असल नतीजा तो 23 दिसंबर को ही आना है. अपनी जीत पक्की नहीं होने की बात कहते हुए सरयू राय ने कहा कि मैदान में जीतने के लिए नहीं उतरे थे, उन्होंने एक जंग की शुरुआत की हैं.

लेकिन पूर्वी की जनता मेरी जीत का दावा कर रही है जो संतोषप्रद है. एक बार फिर से जोड़-तोड़ की सरकार बनने के अंदेशे पर दो टूक कहा कि बीते पांच साल से राज्य में स्थायी सरकार थी तो कौन सा विकास का काम धरातल पर उतरा?

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यूनियन नेता हर्षवर्धन के मुद्दे पर भी बोले सरयू

सरयू राय के लिए प्रचार करने के चलते टेल्को यूनियन नेता हर्षवर्धन के नौकरी जाने के लग रहे आरोप पर सरयू राय ने कहा कि प्रचार के दौरान कई लोग उनके साथ जुड़े, समर्थन दिया और उनके लिए वोट भी मांगे.

हर्षवर्धन ने भी जो किया वो उसके लिए आजाद हैं. प्रचार करना कोई अपराध नहीं है. उन्होंने कहा कि मसले को लेबर लॉ के तहत लड़ने की तैयारी चल रही है टाटा मोटर्स ने नौकरी से निकालने के लिए अपने तर्क रखे हैं. अब कोर्ट ही सही-गलत का फैसला करेगा.

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