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Saryu vs Banna : कोविड प्रोत्साहन राशि घोटाला में स्वास्थ्य मंत्री और संयुक्त सचिव की साझा भूमिका : सरयू राय

मुख्यमंत्री से कोविड प्रोत्साहन की संचिकाओं को जब्त करने और राशि निर्गत होने की प्रकिया की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग.

Jamshedpur : कोविड प्रोत्साहन राशि को लेकर पूर्व मंत्री और जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव मनोज कुमार सिन्हा की भूमिका पर सवाल उठाये हैं. राय ने इसे लेकर मुख्यमंत्री को एक पत्र भी लिखा है. सरयू राय ने स्वास्थ्य विभाग के कोविड प्रोत्साहन राशि में घोटाले का आरोप लगाते हुए इसमेंं स्वास्थ्य मंत्री और संयुक्त सचिव की साझा भूमिका होने का आरोप लगाया है. सरयू राय ने मुख्यमंत्री को लिखा है कि आप अवगत हैं कि स्वास्थ्य विभाग में 100 करोड़ रुपया से ऊपर की राशि कोविड प्रोत्साहन के रूप में देने का आकलन किया गया है. इसका पता होना चाहिए कि कोविड प्रोत्साहन राशि का क्या हुआ.उन्होंने मुख्यमंत्री से कोविड प्रोत्साहन राशि की सभी संचिकाओं को जब्त करने और कोविड प्रोत्साहन राशि निर्गत होने की प्रकिया की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है.

मनोज कुमार सिन्हा सरकार के संयुक्त सचिव हैं या स्वास्थ्य मंत्री के निजी सचिव

पत्र में राय ने कहा है कि झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्गत कार्यालय आदेश 15.04.2022 यानी गुड फ्राइडे को जारी हुआ है, जो अवकाश का दिन है. इस अधिसूचना में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा प्रेषित पीत पत्र (संख्या गै.स.प्रे.सं.-449/गो., दिनांक-14.04.2022) का उल्लेख है. यह पीत पत्र भी 14 अप्रैल को अवकाश के दिन निर्गत हुआ है. पत्र की भाषा को विचित्र बताते हुए सरयू राय ने सवाल किया है कि मनोज कुमार सिन्हा सरकार के संयुक्त सचिव हैं या स्वास्थ्य मंत्री के निजी सचिव. राय के अनुसार प्रशासनिक प्रक्रिया एवं शब्दावली को तिलांजलि देते हुए लिखे गये कार्यालय आदेश में नैतिकता के आधार पर निर्णय लिये जाने का जिक्र है. सरयू राय ने सवाल उठाया है कि इस आदेश पर सक्षम स्तर से स्वीकृति ली गयी है या इसे स्वीकृति की प्रत्याशा में जारी किया गया है. अवकाश की अवधि में इस तरह का पत्र और अधिसूचना निर्गत होना स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड प्रोत्साहन राशि आवंटन में भारी गड़बड़ी एवं घोटाले की आशंका की तरफ संकेत करनेवाला है. स्वास्थ्य मंत्री और उनके संयुक्त सचिव के आचरण को  संदेहास्पद बताते हुए सरयू राय ने पूछा है कि आखिर ये दोनों  किसे धोखा दे रहे हैं और क्या छुपाने की कोशिश कर रहे हैं.

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सरकारी कार्यालय बंद रहने के बावजूद दफ्तर खोलकर घोटाले पर पर्दा डालने की साजिश

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सरयू राय ने लिखा है कि पीत पत्र लिखने वाले मंत्री और अधिसूचना जारी करने वाले संयुक्त सचिव को अच्छी तरह पता है कि इन्होंने 31 मार्च 2022 की रात 9.00 बजे प्रोजेक्ट भवन कोषागार में मंत्री कोषांग के 60 कर्मियों को कोविड प्रोत्साहन राशि देने का विपत्र भेजा. यह विपत्र कोषागार ने पास कर यह राशि उनके बैंक खाता में भेज देने की प्रक्रिया में पीएमयू भेज दिया. परंतु पीएमयू का सर्वर धीमा हो जाने और रिजर्व बैंक का सर्वर रात 11.00 बजे बंद कर दिये जाने के कारण प्रोत्साहन राशि इनके खाते में स्थानांतरित नहीं हुई और वित्तीय वर्ष बीत जाने के कारण लैप्स हो गयी. इसके पहले जिनकी राशि निकल गयी थी, वह उनके बैंक खाते में चली गयी. राय के अनुसार यह जानकारी होने के बावजूद स्वास्थ्य मंत्री पीत पत्र लिख रहे हैं और उनके संयुक्त सचिव भ्रामक अधिसूचना जारी कर रहे हैं.  उन्होंने लिखा है कि प्रतीत होता है कि स्वास्थ्य विभाग के कोविड प्रोत्साहन राशि घोटाला में इन दोनों की संयुक्त भूमिका है और अवकाश के दिन सरकारी कार्यालय बंद रहने के बावजूद कार्यालय खोलकर इस घोटाले पर पर्दा डालने की साजिश कर रहे हैं.

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