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सरयू राय ने अब केंद्र सरकार से की राशन कार्ड बनाने का नियम बदलने की मांग की, भारत सरकार को लिखा पत्र

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  • नियम नहीं बदलने पर सभी योग्य लाभुकों को नहीं मिल पायेगा राशन कार्ड

Ranchi : झारखंड सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने पत्र लिखकर भारत सरकार से राशन कार्ड बनाने का नियम बदलने की मांगी की है. वर्तमान में राशन कार्ड वितरण के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2103 के प्रावधान के तहत अधिकतम 2,64,43,330 लोगों को राशन कार्ड का वितरण किया जा सकेगा. पर यह 2011 की जनसंख्या के आधार पर होगा. सरयू राय की चिट्ठी में स्पष्ट किया गया है कि प्रति वर्ष 1.64 प्रतिशत की वार्षिक दर से जनसंख्या में वृद्धि का आकलन किया जा रहा है. उस हिसाब से 2019 के दिसंबर में संख्या बढ़कर 3,78,57,182 हो जायेगी. इसलिए उन्हेांने भारत सरकार से मांग की है कि 2019 की जनसंख्या को देखते हुए राशन कार्ड बनाने का आधार निर्धारित किया जाये. साथ ही उन्होंने मांग की है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के मानक के अनुसार वर्तमान जनसंख्या को राशन देने तथा उसके अनुसार राशन कार्ड बने, ताकि सभी योग्य लाभुकों को राशन कार्ड मुहैया कराया जा सके. अभी राशन कार्ड बनाने की अधिकतम सीमा 2011 के आधार पर निर्धारित है. सरकार अगर नियम नहीं बदलती है, तो राज्य की बड़ी आबादी को राशन कार्ड से महरूम रहना पड़ेगा.

पत्र में सरयू राय ने लिखा है कि वर्ष 2001 से 2011 के बीच के दशक में जनसंख्या वृद्धि दर 22.42 प्रतिशत थी. फिलहाल जनसंख्या वृद्धि में कमी परिलक्षित हुई है. भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के लिए 1.64 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के आधार पर जनसंख्या का आकलन किया जा रहा है. उस हिसाब से वर्तमान दशक में जनसंख्या वृद्धि की दर 16.40 प्रतिशत के आस-पास है. इस वृद्धि दर के परिप्रेक्ष्य में दिसंबर 2019 तक राज्य की जनसंख्या बढ़कर 3,78,57,182 हो जायेगी.

राशन कार्ड संख्या में वृद्धि करना उचित

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प्रति परिवार पांच व्यक्ति के औसत आकलन के मुताबिक 9,73,810 परिवार 2011 की तुलना में बढ़ गये हैं. इसके आधार पर राशन कार्ड की संख्या में वृद्धि करना उचित प्रतीत हो रहा है. संप्रति राज्य के विभिन्न जिलों को मिलाकर कुल 7,94,844 राशन कार्ड के आवेदन लंबित हैं. यदि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के मानक के अनुसार वर्तमान जनसंख्या को राशन देने तथा इसके अनुसार राशन कार्ड बनाने की व्यवस्था हो, तो सभी योग्य लाभुकों को राशन कार्ड मुहैया कराया जा सकता है.

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