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झारखंड में लौह अयस्क घोटाले की परतें खोलेगी सरयू राय की किताब “रहबर की राहजनी, रामनवमी पर लांचिंग

पिछले साल मेनहर्ट नियुक्ति घोटाले को लेकर "लम्हों की खता" किताब हुई थी प्रकाशित

Ranchi :  विधायक सरयू राय की किताब “रहबर की राहजनी” रामनवमी के दिन प्रकाशित होगी. पिछले साल “लम्हों की खता” प्रकाशित हुई थी. झारखंड सरकार में शासन की सर्वोच्च व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने वाली इस किताब का लोगों ने स्वागत किया था.

तथ्यों पर आधारित यह किताब जुलाई 2020 में प्रकाशित हुई थी. मेनहर्ट नियुक्ति घोटाला के बारे में पुस्तक में वर्णित भ्रष्टाचार के बिंदुओं पर सरयू राय ने लोगों से आपत्ति मांगी थी. पर अब तक किसी ने भी एक भी बिन्दु का खंडन नहीं किया. पुस्तक में वर्णित भ्रष्टाचार की घटनाओं की जाँच झारखंड सरकार की संस्था एसीबी यानी एंटी करप्शन ब्यूरो कर रही है. अब रहबर की राहजनी का इंतजार लोगों को है.

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रघुवर दास पर लगाया था प्रश्रय देने का आरोप

झारखंड में लौह अयस्क घोटाला काफी चर्चित रहा है. इसे लेकर सरयू राय लगातार सवाल उठाते रहे हैं. सीएम हेमंत सोरेन को भी इसकी गंभीरता से जांच के लिए कहते आये हैं. पूर्व सीएम रघुवर दास पर भी इस घोटाले को प्रश्रय देने का आरोप सरयू लगा चुके हैं. अब 21 अप्रैल को रामनवमी के दिन सरयू राय की दूसरी पुस्तक (रहबर की राहजनी) प्रकाशित होगी.

इस पुस्तक में झारखंड में विगत 5 वर्षों में हुए लौह अयस्क घोटाला के बारे में विस्तृत चर्चा है. पुस्तक का प्रकाशन पूर्व की भाँति नेचर फ़ाउंडेशन, राँची और मुद्रण झारखंड प्रिंटर्स, जमशेदपुर ने किया है. इस किताब में 192 पृष्ठ हैं और इसकी क़ीमत 200 रुपये रखी गयी है. ऑनलाइन खरीदारों को पुस्तक मात्र 100 रुपये में यह उपलब्ध होगी.

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सरयू का दावा असली षड्यंत्रकारी की होगी पहचान

पुस्तक का मुख पृष्ठ एवं बैक पृष्ठ लोगों के अवलोकनार्थ सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित किया जा रहा है. सरयू ने उम्मीद की है कि जिस तरह पूर्व में पाठकों ने “लम्हों की ख़ता” को हाथों हाथ लिया था, वैसे ही यह दूसरी पुस्तक भी उनके लिये रुचिकर एवं उपयोगी साबित होगी. इससे लोगों को सरकार के शीर्ष पर आसीन किरदारों के असली षड्यंत्रकारी चेहरों को जानने का मौका मिलेगा.

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