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किन भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में कह रहे हैं सरयू राय, जो जांच में साबित हुए हैं और सरकार कार्रवाई नहीं कर रही

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Akshay Kumar Jha

Ranchi: झारखंड सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय की बेबाकी से झारखंड अवगत है. कई ऐसे मामले आये हैं, जिसमें सरयू राय बनाम सरकार होते देखा गया है. कई ऐसे मामले हैं, जिसे लेकर मंत्री जी ने सीधा मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है. बात नहीं माने जाने पर सरकार के मंत्री सरयू राय की बात इस्तीफे तक गयी है.

एक बार फिर से विधानसभा चुनाव से पहले सरयू के तेवर तल्ख हैं. वो आये दिन ट्विटर पर झारखंड में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लिख रहे हैं. पांच सितंबर को मंत्री सरयू राय ने ट्वीट किया और लिखा कि

“प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ बिगुल फूँक दिया है. कुछ ही दिन बाद झारखंड विधानसभा चुनाव आ रहा है. जिनके दामन पर भ्रष्टाचार के नये-पुराने, छोटे-बड़े दाग हैं, जो जांच में साबित हो गये हैं, जिनपर कारवाई दबी पड़ी है. उन्हें समय रहते किनारा कर लेना चाहिए. समय बलवान होता है !”

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फिर 9 सिंतबर को भी एक बार फिर से सरयू राय ने एक ट्विट किया उन्होंने कहा कि “अबतक मैंने भ्रष्टाचार के जितने आरोप लगाये हैं जांच में वे सबके सब सही साबित हुये हैं. जिनपर कारवाई हो गई,आरोपी दंडित हो गये उन्हें तो सब जानते हैं. पर जाँच में आरोप साबित होने के बावजूद जिनपर कारवाई नही हुई है,जो दबा दिये गये हैं दहाड़ते चल रहे वे आरोपी भी आज नही तो कल ज़रूर नपेंगे.” पूरे मामले पर न्यूज विंग ने उनसे बात की. उन आरोपों के बारे में उनसे पूछा गया. जानते हैं उन्होंने क्या कहा.

सवालः आप बार-बार भ्रष्टाचार को लेकर ट्वीट कर रहे हैं. आप कह रहे हैं कि कई ऐसे मामले हैं, जिसमें भ्रष्टाचार का आरोप साबित हो चुका है और उसपर कार्रवाई करनी चाहिए. जो हो नहीं रही है. तो वह कौन से आरोप हैं, वह कौन से मामले हैं.

जवाबः  मेरे जैसे व्यक्ति उत्साहित होते हैं, जब प्रधानमंत्री कहते हैं कि भ्रष्टाचार के साथ कोई समझौता नहीं होगा. पी चिदंबरम के जैसे बड़े-बड़े लोग जेल जा रहे हैं पुराने-पुराने केस में, तो ऐसे कई मामले हैं जिनको हम लोग उठाते रहे हैं. कई मामलों में जांच भी हो गई है. आरोप साबित हो गया है. कार्रवाई नहीं हुई है.

ऐसे मामलों में कार्रवाई होगी तो प्रधानमंत्री जो कह रहे हैं उस बात को बल मिलेगा और हम लोग भी कह सकेंगे कि हमारे प्रधानमंत्री जिन बातों को कहते हैं उनपर कार्रवाई होती है. यह संकेत के रूप में है. इसलिए अभी उसका बहुत कोई खुलासा करना मुनासिब नहीं होगा. मैं जो भी कहता हूं, उचित स्थान पर कहता हूं. और उचित स्थान पर कहने के बाद सुनवाई नहीं हुई तो उससे ऊपर कहता हूं. अंत में नहीं होता है तो जनता से कहा जाएगा.

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सवालः आपने अपने ट्वीट में लिखा है कि ऐसे कई मामले हैं. तो वह कौन से मामले हैं जिनकी आपसे अच्छा अपने ट्वीट में कर रहे हैं.

जवाबः  मेरे जेहन में ऐसे बहुत सारे मामले हैं. इस सरकार में मैंने कई मामलों को उठाया है और कई पुराने मामले भी हैं जिनके बारे में मैं हमेशा से बोलता आया हूं और जांच की मांग करता आया हूं. जांच हुई भी है और आरोप भी तय हुए हैं. अब तक मैंने जितने भी मामले उठाए हैं सौभाग्य से 100 में 100 फ़ीसदी मामले सही साबित हुए हैं.

आज भी जिस मामले को मैं उठाता हूं, उसे काफी ठीक-ठाक कर आश्वस्त होकर ही उठाता हूं. मैं कई मामलों के बारे में अपनी पार्टी में सही स्थान पर कह देता हूं. अगर मामले का निपटारा हो जाता है तो ठीक है. नहीं होता तो बार-बार मैं दोहराता हूं. मन में कई बार कोफ्त होती है तो ट्विटर पर डाल दिया करता हूं.

मैं किसी मामले का नाम लूं या किसी मामले का जिक्र करूं और इससे पहले मैं अपनी पार्टी के फोन पर नहीं कहूं. मीडिया में सीधा कहूं. तो यह उचित नहीं होगा. मीडिया तो हमारे लिए अंतिम विकल्प बचता है. जब मैं अपनी बातों को कहता हूं. सौ बातों में से मुश्किल से 5 बात ही मैं मीडिया में कहता हूं.

इस मामले में भी मैंने मन बनाया है कि अपनी पार्टी के उचित स्थान पर रखूंगा. अपनी शिकायत को अपनी मनोभाव को अपनी पीड़ा को मैं कहूंगा अगर कार्रवाई नहीं हुई ऐसे मामलों में, तो साबित होगा कि प्रधानमंत्री जो बढ़-चढ़कर भ्रष्टाचार के बारे में बोल रहे हैं हम लोग उसकी अवहेलना कर रहे हैं.

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