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बेतला नेशनल पार्क में सरयू राय ने जतायी हथिनी की हत्या की आशंका, डायरेक्टर ने कहा नाइंसाफी नहीं होने दूंगा

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Ranchi: 13 जुलाई को बेतला नेशनल पार्क में एक हथिनी की मौत हो गयी है. इससे पहले भी यहां एक बाघिन और बाइसन की मौत हो चुकी है. लगातार हो रही जानवरों की मौत के बाद बेतला नेशनल पार्क में वन्यप्राणी की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. इससे पहले बाघिन की मौत पर भी सरयू राय ने सवाल खड़े किए थे. एक बार फिर से सरयू राय हथिनी की मौत पर सवाल खड़े कर रहे हैं. मामले को लेकर उन्होंने 19 जुलाई को एक ट्विट किया है.

ट्विट में लिखा है कि “पलामू टाईगर रिज़र्व में हथिनी लीवर रोग से मरी या गोली से मारी गई. तस्वीरें सच बयां कर रही है. माथे का घाव इतना गहरा है कि छड़ी आधा से अधिक घुस जा रही है.  प्रशिक्षु डीएफओ ने वन्यप्राणि प्रतिपालक को ई-मेल से बताया है कि किस प्रकार सच बताने के कारण उसे डांट पड़ी है”.

उन्होंने ट्विट के साथ कुछ फोटो भी शेयर किया है. जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे एक छड़ी हथिनी के माथे में आधे से ज्यादा घुस जाती है. देखने से लगता है कि हथिनी की सर में लंबी छेद है. इसी छेद को लेकर पूर्व मंत्री सरयू राय ने हथिनी को गोली मारे जाने की आशंका जाहिर की है.

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नाइंसाफी किसी के साथ नहीं होगीः डायरेक्टर

इस मामले पर न्यूज विंह ने पलामू टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर से बात की. उन्होंने बताया कि ये तो तय है कि हथिनी की मौत दो ही कारण से हो सकती है. पहला कि उसे कोई मारे या फिर वो नेचुरल तरीके से मरे. लेकिन पोस्टमार्टम से बाद रिपोर्ट में ये बात आ रही है कि हथिनी के सर में घांव था. काफी पुराना घांव था. उसमें कीड़ा भी लगा हुआ था. लेकिन हथिनी की मौत उस घांव की वजह से नहीं हुई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये बात साफ हुई है कि हाथिनी की मौत न्यूरोजेनिक शॉक और हृदय गति रुक जाने की वजह से हुई है.

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किडनी और लीवर ठीक हैं. रही गोली लगने की बात तो हाथी के पोस्टमार्टम के दौरान मेटल डिडेक्टर का इस्तेमाल हुआ है. अगर जिस तरह से हथिनी के सिर में छेद है. निश्चित तौर से अगर किसी ने गोली मारी होगी तो गोली सर में फंसा हुआ होना चाहिए. लेकिन मेटल डिडेक्टर में ऐसी कोई बात सामने नहीं आ रही है. बाकी डायरेक्टर होने की हैसियत से मैं कहता हूं कि मामला जो भी हो. जुबान वाले या बेजुबान किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होगी.

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