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सरस मेला एक झूठः खर्च करोड़ में, स्टॉल रह गये खाली

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Ranjan / Roshan
Dhanbad: हीरापुर की कपड़ा दुकान, चीरा चास की महिला की मधुबनी पेंटिंग और मिथिला के सजावटी पात्र, बेंगाबाद गिरिडीह की मिठाई, हल्दी, मिर्च पाउडर ये सब सरस मेला के सच हैं. मेले के दूसरे दिन की यह बात है. इस मेले के प्रचार-प्रसार होर्डिंग, बैनर और आयोजन में एक करोड़ रुपये से अधिक फूंका गया. इसके बाद भी सौ से अधिक स्टॉल खाली हैं. स्टॉल भरने के लिए स्थानीय बैंकों पर दबाव बनाया गया. लिहाजा कुछ स्टॉल में स्थानीय बैंक ने अपने बैनर पोस्टर लगा कर खानापूर्ति कर दी. कोई आदमी ऐसे स्टॉल में नहीं था. स्टेट बैंक के स्टॉल पर पूछताछ करने पर कर्मी ऐसे झुंझलाए जैसे उनसे बात करना गुनाह हो. कोहिनूर मैदान में जल्द शुरू होनेवाले डिजनीलैंड मेले में दुकान लगाने आये लोगों को भी जबरन बुला लिया गया. वहीं, मीठी सुपारी, सौंफ और इसी तरह की चीजें बेचनेवाले.

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नाम बड़े पर दर्शन छोटे

21 राज्यों से स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मेले में नाना प्रकार की चीजें लेकर आएंगी, इस प्रचार के विपरीत मेले में पलामू छतरपुर से चना, चना दाल आदि की पैकट लेकर आयीं अकेली महिला ही सबसे दूर की मिलीं. धनसार का एक एनजीओ मिला जो ट्रेनिंग के साथ नौकरी देने का दावा कर रहा था. जिले में जलछाजन के झूठ के प्रचार के लिए नाबार्ड ने एक बड़ा सा स्टॉल ले रखा था. जिला स्वास्थ्य विभाग, स्वच्छता मिशन का स्टाल लगा कर खाली स्टाल को भरने की कोशिश बेकार थी. मेले में दस रुपया टिकट देकर आये लोग कह रहे थे- प्रशासन ने उल्लू बना दिया. जिला उपभोक्ता फोरम को मामले पर स्वतः संज्ञान लेना चाहिए.

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हीरापुर के आरके गुप्ता ने कहा कि सरकार का काम ही सरकारी धन के लूट-पाट का है. अगर सरकार एसएसजी के लिए हर जिले में मॉल बना दे तो इस तरह के आयोजन के नाम पर सरकारी कोष का दुरुपयोग पूरी तरह रुक जायेगा. मगर, कमीशनखोर अफसर ऐसा होने नहीं देंगे.

सरस मेला का पहला दिन, परेशानी का सबब

धनबाद जिला प्रशासन के अधिकारियों की बुद्धि की बलिहारी ही कहेंगे कि लगाया मेला और इंतजाम सर्जिकल स्ट्राइक जैसा किया. हाउसिंग कॉलोनी, पुलिस लाइन, हीरापुर हटिया आदि इलाके से आने-जाने वालों के तमाम रास्ते बंद कर दिये. सैकड़ों जवानों को हर जगह तैनात कर दिया गया. खबरदार जो एक पत्ता भी खड़का. मेले का उद्घाटन तो हुआ पर मेला जैसा कुछ दिखा ही नहीं. एक दो ही दुकानें सजी थीं. आयोजन गोल्फ ग्राउंड में किया गया है. बजट का भारी हेरफेर हुआ है. प्रशासन ने इससे संबंधित सवाल पर चुप्पी साध ली है. उद्घाटन सांसद पशुपतिनाथ सिंह, मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, विधायक राज सिन्हा, सिंदरी विधायक फूलचंद मंडल, उपायुक्त ए दोड्डे, उप विकास आयुक्त और वरिष्ठ आरक्षी अधीक्षक मनोज रतन चोथे ने संयुक्त रूप से किया. मेले में कुछ खास देखने को नहीं मिला. जितने भी व्यापारी आये सभी की सामग्री जहां-तहां बिखरी पड़ी थी. मेला देख कर लग रहा था कि उद्घाटन प्रशासन के दबाव में जैसे-तैसे कर दिया गया. व्यापारियों को अपनी दुकान सजाने का भी मौका नहीं मिला. सांसद पीएन सिंह और चंद्र शेखर अग्रवाल ने कहा कि स्वयं सहायता समूह और महिला

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सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरस मेले का आयोजन पहली बार धनबाद में किया गया है. इसमें सभी सहयोग करें. विधायक राज सिन्हा और फूलचंद मंडल ने भी अपने संबोधन में सरस मेला के प्रति लोगों को उत्साहित किया. उपायुक्त दोड्डे ने बताया कि मेला 10 दिन का है और जो भी कमियां हैं वह जल्द ही दूर कर ली जाएंगी. मेले में अधिक से अधिक लोग आयें इसलिए इंट्री फीस मात्र 10 रुपये रखी गयी है. मेले में देश के 21 राज्यों के खानपान से लेकर वहां के पारंपरिक परिधान और हस्तशिल्प के सामान उपलब्ध होंगे. इसे लोग देख सकेंगे. खरीद सकेंगे.

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