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संताल: बीजेपी की मजबूत स्थिति से बैकफुट में जेएमएम, चुनावी रणनीति के केंद्र में दुमका

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संताल के 18 विधानसभा में से आठ पर बीजेपी का कब्जा

लोकसभा चुनाव में 11 विधानसभा में महागठबंधन से आगे रहे हैं बीजेपी उम्मीदवार

Nitesh Ojha

Ranchi: लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार और संताल परगना में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए राज्य की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) पूरी तरह से बैकफुट में है. संताल में अपनी गिरती स्थिति को देख पार्टी के लिए अपनी राजनीतिक वजूद को बचाना जरूरी-सा हो गया है.

पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन जानते है कि महागठबंधन में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने के साथ ही अधिक सीट जीतने का उनका ख्वाब संताल के तीन संसदीय सीटों (दुमका, राजमहल और गोड्डा) से ही पूरा हो सकता है.

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ऐसे में उन्होंने महागठबंधन के सभी घटक दलों को स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि महागठबंधन में पार्टी बड़े भाई की भूमिका में रहेगी. साथ ही वह ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. दरअसल उनके इस बयान का असली मकसद संताल परगना के 18 सीटों में से अधिक सीटों पर दावा करना है.

दूसरी तरफ लोकसभा चुनाव में जीत से उत्साहित सीएम रघुवर दास ने जिस तरह से संताल परगना में अपनी नजर गढ़ा दी है, उससे भी जेएमएम काफी दबाव में है.

देखा जाए तो वर्तमान में संताल परगना के 18 विधानसभा में से आठ पर बीजेपी काबिज है. वही लोकसभा चुनाव में बीजेपी को कुल 11 विधानसभा में महागठंबधन उम्मीदवारों की तुलना में ज्यादा वोट मिले हैं. उससे भी जेएमएम काफी दबाव में है.

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दुमका पर है सीएम की नजर

लोकसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने अपना पूरी ताकत संताल परगना के विकास पर लगा दी है. बात अगर संताल के दुमका संसदीय सीट की करें, तो बीजेपी उम्मीदवार सुनील सोरेन ने जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन को ज्यादा अंतर से मात नहीं दी है.

इसके पीछे का कारण इस सीट के दो विधानसभा (शिकारीपाड़ा और जामताड़ा) में जेएमएम को मिली बढ़त है. जबकि अन्य चार सीटों (नाला, जामताड़ा, जामा, सारठ) पर बीजेपी ने बढ़त बनायी थी. सीएम रघुवर दास भी इस बात को भली-भांति जानते है.

यही कारण है कि लोकसभा चुनाव बाद उन्होंने सबसे पहले दुमका सीट पर भी अपनी नजर गढ़ाये रखी है. शिकारीपाड़ा विधानसभा में करीब 19,570 गांवों में स्ट्रीट लाइन लगाने सहित कई योजनाओं का शुभांरभ को इसी कड़ी में देखा जा रहा है.

8 सीट पर BJP का दबदबा, तो आम चुनाव में 11 पर लीड

अगर लोकसभा चुनाव में मिले वोटों की संख्या को देखा जाए, तो संताल परगना में कुल तीन संसदीय सीट (दुमका, राजमहल और गोड्डा) आती है. इन तीन सीटों में क्रमशः छह-छह विधानसभा सीट शामिल है. इसमें वर्तमान में कुल 8 सीट बीजेपी के खाते में है. इसमें राजमहल, बोरिया, गोड्डा, मधुपुर, देवघर, दुमका, सारठ, महगामा सीट शामिल है.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी को कुल 11 विधानसभा में भी महागठबंधन उम्मीदवार से ज्यादा वोट मिले है. ऐसे में जेएमएम को संताल में अपनी स्थिति कमजोर होने का एहसास होने लगा है.

जेएमएम ने भी दुमका में लगायी ताकत

दुमका संसदीय सीट पर पार्टी अध्यक्ष शिबू सोरेन को हराने के बाद बीजेपी ने उन विधानसभाओं पर अपनी नजर गढ़ायी है. जहां उसे महागठबंधन से कम वोट मिले थे. वही अब जेएमएम ने भी दुमका सीट से ही विधानसभा चुनाव पर रणनीति बनाने की घोषणा कर दी है.

राजधानी स्थित शिबू सोरेन के आवास पर सोमवार को आयोजित कार्यकारिणी समिति के बैठक बाद हेमंत सोरेन ने इसके संकेत दे दिये हैं. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा है कि पार्टी केंद्रीय समिति की बैठक आगामी 15-16 जून को दुमका में की जाएगी.

इसमें राज्यभर से पार्टी कार्यकर्ता आएंगे. बैठक मे चुनावी रणनीति सहित संताल में पार्टी के कमजोर होती स्थिति को दुरस्त करने पर भी विचार किया जाएगा.

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